शाहजहांपुर में ओसीएफ रामलीला में रावण के पुतले को बनाते कारीगर। संवाद
शाहजहांपुर। ओसीएफ रामलीला में लंकापति रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को बनाने का सिलसिला शुरू हो गया है। रावण का पुतला 45 फुट ऊंचा होगा। दो अन्य पुतलों की लंबाई उससे कम रहेगी। कमेटी पुतलों के निर्माण पर लगभग एक लाख 25 हजार रुपये खर्च करेगी।
ओसीएफ की रामलीला काफी मशहूर है। यहां गांव से लेकर शहर तक के लोग आते हैं। रावण वध के बाद आतिशबाजी के बीच पुतला दहन का रोमांच ही अलग है। इस बार तीन अक्तूबर को रावण वध के बाद पुतला दहन किया जाएगा। कमेटी ने पुतले बनाने की जिम्मेदारी हनुमतधाम के पास रहने वाले जयराम को सौंपी है।
वह मंचन शुरू होने से पूर्व ही पुतले बनाने में जुट गए थे। ओसीएफ के मंच के पीछे मंगलवार को रावण का शरीर तैयार कर लिया गया। रावण का पुतला काले कपड़ों में नजर आएगा। पुतलों के मुंह कारीगर अपने घर पर बना रहे हैं। कमेटी से जुड़े रामपाल के अनुसार, रावण का पुतला 45 फुट का होगा।
मेघनाद 40 और कुंभकरण 35 फुट के होंगे। तीनों पुतलों पर लगभग एक लाख 25 हजार रुपये खर्च होंगे। इसी बजट में लंका भी शामिल रहेगी।