टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के भजन-कीर्तन करती
शाहजहांपुर। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने घरों एवं मंदिरों में देवी की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, बाबा बनखंडीनाथ मंदिर, चौकसीनाथ मंदिर, शिवमंदिर, त्रिलोकीनाथ मंदिर, जेल रोड व तारीन जलालनगर स्थित शिव मंदिर, संकट मोचन आदि मंदिरों में सुबह-शाम मेले जैसा माहौल रहा। पूजा-अर्चना के बाद घर एवं मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया गया।
मंदिरों में भजन-कीर्तन किए गए। पंडित डाॅ. कान्हाकृष्ण शुक्ल ने बताया कि ब्रह्म का अर्थ है तपस्या व चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली देवी। मां के हाथों में अक्ष माला और कमंडल होता है। मां ब्रह्मचारिणी के पूजन से ज्ञान सदाचार, लगन, एकाग्रता और संयम रखने की शक्ति प्राप्त होती है। व्यक्ति अपने कर्तव्य पथ से भटकता नहीं है। मां ब्रह्मचारिणी की भक्ति से लंबी आयु का वरदान प्राप्त होता है। संवाद