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Shahjahanpur News: लैंड बैंक से खत्म होंगी उद्यमियों की भूमि की समस्या

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रोहित गोयल, सचिव आईआईए। स्रोत: स्वयं
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शाहजहांपुर। उद्योगों को लगाने में आने वाली भूमि संबंधी समस्या का समाधान लैंड बैंक के माध्यम से किया जाएगा। जिले में करीब 1100 हेक्टेयर सरकारी जमीन को चिह्नित कर विवरण इंवेस्ट यूपी को भेजा गया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए लीज पर भूमि दिए जाने की संभावना है।
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वर्ष 2023 में हुई इंवेस्टर्स समिट में एमओयू साइन करने वाले आधे आवेदकों ने पर्याप्त भूमि नहीं मिलने के कारण हाथ पीछे खींच लिए थे। उन्हें अनुमान था कि सरकार उन्हें जमीन देगी तो वे पूंजी लगाकर निवेश कर देंगे। उस समस्या को ध्यान में रखते हुए इंवेस्ट यूपी के निर्देश पर पांच तहसीलों में ग्राम सभा, नजूल, शत्रु संपत्ति की जमीनों का विवरण लेखपालों के जरिये मांगा गया।
तहसीलों से आई रिपोर्ट के अनुसार, करीब 11 सौ हेक्टेयर जमीन का आकलन किया गया। विवरण आने के बाद रिपोर्ट को इंवेस्ट यूपी को भेज दिया गया है। इनमें एक से लेकर पांच एकड़ तक के प्लॉट है, जिस पर आसानी से उद्योग स्थापित हो सकेगा।
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अधिकारियों के अनुसार, जमीन का औद्योगिक उपयोग किया जा सकता है। संभावना है कि जल्द ही जमीनों को लीज पर देने की प्रक्रिया को शुरू किया जा सकता है। इससे नए उद्योग लगाने वालों को आसानी से जमीन उपलब्ध हो सकेगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित हो सकेंगे।

एक दिसंबर से शुरू होगा भूखंडों का आवंटन
जलालाबाद के गुलड़िया गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे पर 252 एकड़ भूमि पर औद्योगिक भूखंड की नीलामी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। उद्यमी मित्र विपुल उपाध्याय ने बताया कि एक दिसंबर से निवेश मित्र पोर्टल पर संबंधित व्यक्ति अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद उनके अभिलेखों व प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मूल्यांकन के आधार पर उनको जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही क्षेत्र का आधारभूत विकास भी किया जाएगा। बताया कि इंवेस्ट यूपी की इस मुहिम में संबंधित प्रक्रियाओं के लिए जिला उद्योग केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।

उद्यमियों को उद्योगों के लिए काफी मुश्किल से जमीन मिल पाती है। सरकारी जमीन की नीलामी में दाम काफी अधिक होता है। जब ज्यादा जमीन होगी तो रेट भी कम होगा। बिजली के लिए अलग से फीडर व ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी रहेगी।
- रोहित गोयल, सचिव आईआईए

जमीन मिलने पर उद्योग लगाने में आसानी होगी। अभी उद्योग लगाने में भूमि ही सबसे बड़ा रोड़ा बनती है। भूमि लीज पर मिलने से लोग आसानी से उद्योग स्थापित कर रोजगार का सृजन कर सकेंगे।
- हिमांशु गुप्ता, उद्यमी

सरकारी जमीन की सूचना एकत्र कर इंवेस्ट यूपी को भेज दी गई है। वहां से निर्देश के अनुसार ही काम करेंगे। जलालाबाद में 250 एकड़ जमीन पर उद्योग लगाने के आवंटन की प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू की जाएगी।
- अनुराग यादव, उपायुक्त-उद्योग

रोहित गोयल, सचिव आईआईए। स्रोत: स्वयं

रोहित गोयल, सचिव आईआईए। स्रोत: स्वयं

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