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Shahjahanpur News: लखविंदर की हालत नाजुक, वेंटीलेटर के सहारे चल रही सांसें

Mon, 26 Aug 2024 01:42 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती लखविंदर सिंह से मिलने पहुंचे नायब तहसीलदार। स्रोत प्रशासन
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पुवायां। दबंगों द्वारा तीन दिन में दो बार पिटाई से आहत होकर जहर खाने वाले गांव मरौरी जप्ती के 23 वर्षीय लखविंदर सिंह की हालत बेहद गंभीर है, उन्हें शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा गया है। रविवार को एसडीएम संजय पांडे के निर्देश पर नायब तहसीलदार अमित कुमार के बयान दर्ज करने पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते बयान नहीं हो सके।
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गांव मरौरी जप्ती निवासी रामनिवास और उनके पुत्र लखविंदर सिंह के साथ 21 अगस्त को गांव के कुछ लोगों ने रंजिश के चलते मारपीट की थी। तहरीर देने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। 23 अगस्त को गांव के एक जनप्रतिनिधि ने भी लखविंदर को पीटा था। आहत होकर लखविंदर ने जहर खा लिया था। 23 अगस्त को ही उसे पुवायां के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने के कारण 24 अगस्त को शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां लखविंदर को बेहोशी की हालत में वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
रामनिवास ने 23 अगस्त को मारपीट की घटना बताते हुए गांव के ही चंद्रभाल, योगेश, अभिषेक, अमर सिंह, अवधेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रविवार को एसडीएम संजय पांडे ने नायब तहसीलदार अमित कुमार को लखविंदर सिंह के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए थे। नायब तहसीलदार अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने लखविंदर के वेंटीलेटर सपोर्ट पर होने और बयान देने की स्थिति में न होने की बात लिखकर दे दी। इसके बाद नायब तहसीलदार ने लखविंदर सिंह के पिता से बात की। रामनिवास ने भी पुत्र के साथ मारपीट होने और इससे आहत होकर जहर खाने की बात नायब तहसीलदार को बताई है।
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पुवायां पुलिस ने भी अस्पताल पहुंचकर लखविंदर के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट में जो धाराएं हैं, उनमें गिरफ्तारी नहीं हैं, फिर भी आरोपियों के घर पुलिस गई थी, आरोपी घर से फरार हैं।
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रामनिवास कर्ज लेकर करा रहे पुत्र का इलाज
- बेहद कमजोर है आर्थिक स्थित, मजदूरी से होती है गुजर
पुवायां। लखविंदर सिंह के परिवार की आर्थिक स्थित बेहद खराब है। लखविंदर के इलाज के लिए परिजनों ने कर्ज लिया है। कुछ रिश्तेदारों ने भी मदद की है।
लखविंदर के पिता रामनिवास के पास केवल एक एकड़ जमीन है। रामनिवास के पांच पुत्र हैं, जिसमें लखविंदर सबसे छोटा है। रामनिवास और सभी पुत्र मिलकर मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर करते हैं। रामनिवास का कहना है कि गांव के जिन लोगों ने उनके पुत्र को पीटा था, उनसे एक मुकदमे की रंजिश थी, लेकिन वह लोग हमेशा ही झगड़े से दूर रह। इसी कारण आरोपियों के हौसले बुलंद होते रहे। रही-सही कसर पुलिस के कार्रवाई न करने से पूरी हो गई और उनके पुत्र को पीटकर घायल कर दिया गया।
पुत्र के जहर खा लेने के और गरीबी के कारण वह इलाज तक कराने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं। पुत्र के इलाज के लिए उनको कर्ज लेना पड़ा है। जानकारी पाकर आए रिश्तेदारों ने भी आर्थिक मदद की है। अगर इलाज ज्यादा दिन चला तो और भी कर्ज लेना पड़ सकता है। रामनिवास ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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