शाहजहांपुर। भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी सोमवार को रोहिणी नक्षत्र में मनाई जाएगी। विद्वानों के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र व सोमवार का दिन मिल जाने से जयंती योग का उत्तम अवसर प्राप्त होगा। जन्माष्टमी को लेकर रविवार को घरों और मंदिरों में तैयारियों का दौर चला। बाजारों में खरीदारी के लिए लोग उमड़े।
लाला तेली बजरिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी सुरेश चंद्र मिश्र ने बताया कि सोमवार को सुबह 8:20 बजे से अष्टमी लग जाएगी। रोहिणी नक्षत्र रात 9:10 बजे से लगेगा। इस तरह रोहिणी नक्षत्र में ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि के समय भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए जन्माष्टमी पर्व के दिन रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि के समय भगवान श्री कृष्ण की उपासना का विधान है और इसी नक्षत्र के आधार पर जन्माष्टमी व्रत भी रखा जाता है। बताया कि रोहिणी नक्षत्र व सोमवार का दिन मिल जाने से जयंती योग का उत्तम अवसर प्राप्त होगा। यह सर्वार्थ सिद्धि प्रदान करने वाला है।
जन्माष्टमी पर व्रत रखने वालों को भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। व्रत का पारण रात को 12 बजे भगवान का जन्म करवाने के बाद करना चाहिए। कुछ लोग जन्माष्टमी के व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करते हैं।
मंदिरों को रंग-बिरंगी झालरों व फूलों से सजाया
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर रविवार को घरों व मंदिरों में तैयारियां चलीं। मंदिरों को रंग-बिरंगी झालरों व फूलों से सजाया गया। शहर के टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर, पोस्ती पाकड़ के पास बाबा वनखंडी नाथ मंदिर, कृष्णानगर कॉलोनी के श्रीकृष्ण मंदिर, रामनगर कॉलोनी में श्रीराधा-कृष्ण मंदिर तथा पुलिस लाइन स्थित मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। बरेली मोड़ पर श्री खाटू श्याम मंदिर को सजाने और बाबा के शृंगार के लिए कोलकाता से फूल मंगाए गए। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों में भी सजावट के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को धूमधाम से मनाने की तैयारियां की गईं। मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भगवान के जन्म की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत होगी। भगवान के जन्म के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा।
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कन्हैया को सजाने-संवारने के लिए हुई जमकर खरीदारी
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को सजाने-संवारने के लिए सुंदर पोशाकें, मुकुट तथा बांसुरी आदि बाजार में आई हैं, जिनकी रविवार को जमकर खरीदारी हुई। इसके लिए सदर बाजार, बहादुरगंज, चौक तथा जलालनगर स्थित बाजारों में सजावटी व पूजन सामग्री की बड़ी दुकानों तथा सड़क के किनारे छोटी-छोटी दुकानों पर खासी भीड़ रही। दुकानदारों के मुताबिक, लड्डू गोपाल के वस्त्र 10 रुपये लेकर 2000 रुपये तक बिके। ज्यादातर भगवान कृष्ण के प्रिय पीले रंग के वस्त्रों की मांग रही। झूले 100 से 5000 रुपये बिके। माता-पिता ने अपने नन्हे मुन्नों को कृष्ण और राधा बनाने के लिए सजाने के लिए कान्हा और राधा की ड्रेस खरीदी। कान्हा ड्रेस पीले रंग में है। इसकी कीमत 150 से 600 रुपये तक रही। राधा की ड्रेस 200 से 1000 रुपये तक बिकी।