राशन लेने गए अनुसूचित जाति के कार्डधारकों को कोटेदार के पति ने गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके विरोध में जलालाबाद क्षेत्र के गांव महसूलपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर आकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम के नाम ज्ञापन देकर कोटेदार के क्रियाकलापों की जांच कराकर कार्रवाई की गुहार की है।
कलक्ट्रेट पहुंचे महसूलपुर निवासी हरिपाल, आशाराम, लौंगश्री, चमेली, मोहिनी, रेशमा देवी, चम्पा, मुन्ना लाल आदि ने बताया कि गांव की कोटेदार ठाकुर बिरादरी की हैं जबकि वे सभी अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कोटेदार और उनके पति द्वारा कई साल से राशन वितरण नहीं किया जा रहा है। राशन की वस्तुएं मांगने पर कोटेदार के पति हरिजनों को कोई सामान नहीं देने की बात कहकर भगा देता है।
ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने कोटेदार के पति से बीते दिन राशन वितरण नहीं करने पर ऐतराज किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में तहसील स्तर पर एसडीएम को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन में मंजू देवी, चतुरी लाल, सर्वेश कुमार, श्यामवीर, जावित्री, सुखदेवी, छोटी बिटिया, राममुखी, रामबहोरे, अमिताभ, ओमपाल आदि शामिल रहे।
ऑनलाइन आवेदनों का जल्द कराएं सत्यापन
शाहजहांपुर। शोषित समाज मोर्चा का शिष्टमंडल प्रांतीय महासचिव फकीरे लाल भोजवाल के नेतृत्व में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट जय प्रकाश से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर गरीब जनता के हितों का ध्यान रखते हुए राशन कार्ड के ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन शीघ्र कराने का अनुरोध किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी से जिले में गत मार्च माह से गरीबों की राशन वितरण व्यवस्था ध्वस्त है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम में भूख से मौत नहीें होने देने की गारंटी दी गई है, लेकिन तमाम गरीब परिवारों के कंप्यूटर पर फीड नाम डिलीट करके उनको होली-ईद जैसे त्यौहारों पर खाद्यान्न नहीं देकर भूखा रखा गया। इन हालातों को देखते ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन में तेजी लाई जाए। ज्ञापन देने वालों में राममूर्ति शर्मा, कालूराम रावल, डॉ. प्यारे लाल, मो. आबिद, साजिद खां, अनुज सिंह, राधा देवी, मुकेश मिश्रा आदि शामिल रहे।