गांव मरेना का कोटा काफी समय से निरस्त चल रहा है। बुधवार को कोटेदार का चयन करने के लिए गांव सभा की खुली बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान गांव के लोगों ने अधिकारियों पर चयन में भेदभाव किए जाने और एक व्यक्ति के पक्ष में माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद भी स्थित में सुधार नहीं हुआ तो पुलिस ने गांव के लोगों को मौके से हटा दिया। इसके बाद अधिकारी कोटेदार का चयन किए बिना ही वापस लौट गए। गांव के लोगों ने कहा कि बैठक में पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एडीओ पंचायत ने बताया कि कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक निरस्त की गई है। पक्षपात का आरोप निराधार है। कोटेदार का चयन करने के लिए आयोजित बैठक में बंडा के बीडीओ राजकुमार वर्मा, एडीओ पंचायत छोटेलाल, ग्राम पंचायत सचिव रामचंद्र गौतम सहित गांव के तमाम लोग मौजूद रहे।