कांट ब्लाक के जूनियर स्कूल मोहनपुर के प्रधानाध्यापक श्रीराम ने शैक्षिक सत्र 2014-15 की नि:शुल्क वितरित होने वाली किताबों को कबाड़ी को बेच दिया। गांव वालों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने जीप पर लादकर 15 बोरी पुस्तकें ले जा रहे कबाड़ी और जीप चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस जीप को थाने ले आई। इस मामले में कांट की खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता की ओर से प्रधानाध्यापक, कबाड़ी और जीप चालक के खिलाफ दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके साथ ही प्रधानाध्यापक को निलंबित करने की संस्तुति भी कर दी गई।
बृहस्पतिवार को कांट ब्लाक गांव मोहनपुर के ग्रामीण ने दोपहर करीब सवा 12 बजे बीएसए को सीयूजी मोबाइल पर कॉल करके सूचना दी कि जूनियर स्कूल मोहनपुर के प्रधानाध्यापक श्रीराम बच्चों को दी जाने वाली नि:शुल्क किताबें कबाड़ी को बेच रहे हैं। इसके साथ ही कांट थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इस पर बीएसए ने कांट की खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता को मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
मामले की सूचना मिलने पर शुचि गुप्ता और पुलिस लगभग साथ ही मौके पर पहुंच गई। इस दौरान कबाड़ी भूरे किताबों को लादकर वहां से जाने की फिराक में था। पुलिस कबाड़ी और जीप चालक शब्बन को पकड़कर थाना ले आई। बीईओ ने मामले की जांच की, इसमें प्रधानाध्यापक को दोषी पाया गया। इस पर गुप्ता ने श्रीराम को निलंबित किए जाने की संस्तुति करके पत्र बीएसए को भेज दिया।
प्रभारी बीएसए संजय शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और कांट थाना में वहां की खंड शिक्षा अधिकारी से तीनों के खिलाफ तहरीर दिलाई। देर शाम इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। शुक्ला का कहना है कि बीएसए के आने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया जाएगा।