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पुलिस ने जिन किसान नेताओं को किया नजरबंद, वे जत्थे के साथ पहुंचे दिल्ली

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पुवायां (शाहजहांपुर)। पुलिस और प्रशासन पूरा जोर लगा रहा है कि किसान दिल्ली न जाएं। इसके लिए किसान नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है। बावजूद इसके भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह शुक्रवार सुबह 9:00 बजे लगभग 20 किसानों के साथ दिल्ली रवाना हो गए। पुलिस को उनके दिल्ली जाने की भनक तब लगी, जब मंजीत बरेली से आगे निकल चुके थे। बता दें कि तीन दिन पहले दिल्ली जाने की बात कहने पर मंजीत सिंह को नजर बंद कर दिया गया था।
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किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए कई किसान नेता दिल्ली जा चुके हैं और वहां आंदोलन में शामिल होकर वापस भी आ चुके हैं। अब जो भी नेता दिल्ली जाने की बात कह रहा है। पुलिस, प्रशासन उन नेताओं को उनके घर पर नजरबंद कर रहा है। 17 दिसंबर को भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया था। इसके बाद 20 दिसंबर को भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव को भी दिल्ली जाने की बात कहने पर उनके घर नजरबंद किया गया था। एक मीटिंग के दौरान मंजीत सिंह को गांव अजोधापुर में भाकियू के जिला महासचिव कुलदीप सिंह के यहां भी पुलिस ने आगे जाने से रोका था। इतनी पाबंदियों के बाद भी मंजीत लगभग 20 लोगों के साथ कार आदि से शुक्रवार सुबह 9:00 बजे दिल्ली को रवाना हो गए। पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। बाद में उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि मंजीत सिंह दिल्ली जाने के लिए बरेली शहर को क्रॉस कर चुके हैं। सिर्फ मंजीत ही नहीं। अन्य किसान भी पुलिस को धता बताते हुए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का पूरा जोर है कि किसान दिल्ली न जाएं और जाएं तो एक ही रूट से जाएं, जिससे कई रूटों पर कानून व्यवस्था न संभालनी पड़े।
बृहस्पतिवार रात पुलिस और प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया कि लखीमपुर के किसान चांदपुर, जोगराजपुर होते हुए पूरनपुर की ओर निकल जाएं, लेकिन किसान नहीं माने। पुवायां के सीओ नवनीत कुमार नायक की टिप्पणी पर किसान भड़क गए थे और विवाद होते बचा था। इसके बाद किसान मैलानी से खुटार की ओर बढ़े तो गांव प्रसादपुर में डीएम, एसपी ने किसानों से वार्ता की और उनसे एक ही रूट पर चलने की अपील की। भीड़ में शामिल कुछ युवक यहां भी पुलिस पर भड़कने लगे लेकिन एसपी ने उनको समझाकर शांत कर दिया था। इसके बाद सभी किसानों को खुटार और खुटार से पूरनपुर की सीमा तक भारी फोर्स के साथ पहुंचा दिया गया।
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किसान आंदोलन में खुटार ज्यादा संवेदनशील बन गया है। इसका कारण खुटार थाना क्षेत्र की सीमाएं लखीमपुर से सटी हुई हैं और लखीमपुर से किसान ज्यादा संख्या में दिल्ली जा रहे हैं। खुटार, बंडा और पुवायां में अभी पुलिस और प्रशासन के प्रयास सफल रहे हैं और रामपुर कलां क्षेत्र से दो ट्रॉली किसान दिल्ली जाने के बाद से स्थिति शांतिपूर्ण है।
पुवायां तहसील के खुटार और बंडा थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी है। डीआईजी जेल कई दिन से पुवायां और पूरनपुर क्षेत्र में रहकर सघन निगरानी रख रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी किसानों का दिल्ली जाना नहीं रुक रहा है।
शुक्रवार को भी डीआईजी जेल अखिलेश कुमार, एसपी एस. आनंद, एएसपी निपुण अग्रवाल, सीओ नवनीत कुमार नायक, एसडीएम दशरथ कुमार लगातार क्षेत्र में भ्रमण की स्थित का जायजा लेते रहे। डीआईजी ने खुटार थाने पहुंचकर बृहस्पतिवार को मैलानी की ओर से खुटार आने वाले लखीमपुर के किसानों के बारे में जानकारी ली और जरूरी दिशा निर्देश दिए। उनके साथ एसपी और एएसपी भी मौजूद रहे और किसान आंदोलन को लेकर मंत्रणा की।
इसके बाद तीनों अधिकारी लखीमपुर शाहजहांपुर के मैलानी रोड स्थित बॉर्डर पर गांव प्रसादपुर पहुंचे और वाहन चेकिंग में लगे पुलिसकर्मियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने शाहजहांपुर पीलीभीत के बॉर्डर पर गांव लौहंगापुर में भी वाहन चेकिंग में लगी पुलिस टीम से किसानों के आने जाने के बारे में जानकारी ली। इसके बाद डीआईजी ने खुटार के तिकुनियां चौराहे पर रुककर पुलिस को बैरिकेडिंग आदि ठीक से लगाने सहित तमाम जरूरी निर्देश दिए।
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