शाहजहांपुर। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में पहली अगस्त से पाकिस्तान से शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय कीर्तन यात्रा का नगर आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज की कीर्तन यात्रा के स्वागत को पलक पांवड़े बिछा दिए। जो बोले सो निहाल...जयघोष के साथ फिजाएं गूंज उठीं।
गुरु नानक देव जी के प्रकाश स्थान ननकाना साहिब से शुरू हुई कीर्तन यात्रा देर रात बरेली मोड़ पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने यात्रा में शामिल नेतृत्वकर्ताओं का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया और गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी के समक्ष मत्था टेककर प्रसाद अर्पित किया।
बरेली मोड़ से बलविंदर सिंह, मंजीत सिंह, हैपी, गगन, गुरप्रीत, राजेंद्र सिंह आदि की अगुआई में युवा मोटरसाइकिलों और चौपहिया वाहनों के साथ खुशियां मनाते हुए यात्रा को शहर लाए। गर्रा फाटक से चारखंभा, केरूगंज, रोशनगंज, अंटा चौराहा, जेल मार्ग होते हुए कीर्तन यात्रा गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पहुंची, जहां प्रबंध समिति की अध्यक्ष कमलेश कौर माटा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुझार सिंह मोगा, महामंत्री हरभजन सिंह दुआ, जगजीत सिंह, अवतार सिंह मोगा आदि ने सरोपा भेंटकर स्वागत किया।
कीर्तन यात्रा का मुख्य श्रद्धा का केंद्र गुरुनानक देव जी की खड़ाऊं, राशन तौलने वाले बांट, पंच प्यारे, निशान साहिब रहे, जिनके दर्शन करने को श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही। भीड़ की धक्का-मुक्की के बीच महिलाओं ने भी गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के समक्ष मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और स्वयं को निहाल किया। नगर में कीर्तन यात्रा के स्वागत के लिए गुरुनानक पाठशाला, खालसा शिशु शिक्षा सदन के बच्चों ने भी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बैंड बाजे पर भांगड़ा कर यात्रा को भव्यता प्रदान की। शहर में चारखंभा, केरूगंज, मिशन स्कूल तिराहा, कृष्णा नगर आदि क्षेत्रों में सबीलें लगाकर चाय-नाश्ता की व्यवस्था की गई। स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से त्रिलोचन सिंह गांधी, सोनू बग्गा, राजू बग्गा, गुरजीत सिंह बग्गा, निरंकार सिंह लूथरा, जवाहर सिंह आदि शामिल रहे।
मीरानपुर कटरा। नगर की सीमा पर पहुंची कीर्तन यात्रा का हुलास नगरा रेलवे क्रासिंग पर भव्य स्वागत किया गया। जब कीर्तन यात्रा हुलास नगरा रेलवे पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद सिख समाज के श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर यात्रा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर एसपी डॉ. एस चन्नप्पा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।