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जिला अस्पताल: बुखार से तड़फ रहे मरीज, बेड भी पड़ गए कम

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शाहजहांपुर। मौसम में आए बदलाव के बाद शुरू हुए बुखार, जुखाम और उल्टी दस्त से मरीज कराह रहे हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में बुखार से तड़प रहे मरीजों को बेड नहीं मिले तो उन्हें स्ट्रेचर और सीमेंट की स्लेब पर लिटाकर उपचार शुरू कर दिया गया। हालात को देख सीएमएस के निर्देश पर छह अतिरिक्त बेड डाले गए हैं।
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ओपीडी से लेकर ट्रॉमा सेंटर तक मरीजों की डॉक्टर कक्ष में लाइनें लगी नजर आ रही हैं। ओपीडी में रोजाना लगभग 18 सौ मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं ट्रॉमा सेंटर में भी 80 से लेकर एक सौ तक मरीज पहुंच रहे हैं। बेड फुल होने की वजह से गंभीर मरीजों को भी भर्ती कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हर तीमारदार अपने मरीज को पहले दिखवाने के लिए डॉक्टर के चक्कर लगा रहा। मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि दवा का असर कम होते ही बुखार का प्रभाव बढ़ जाता है। आलम यह है कि हर रोज मरीज बढ़ रहे हैं। 15 अगस्त को ट्रॉमा सेंटर में 84 और 16 अगस्त को 90 व 17 अगस्त को 110 मरीज पहुंचे। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मरीज ठीक होकर जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में बेड की संख्या-412
सीटी स्केन, खून की जांच, एक्सरे सुविधा
प्रतिदिन ओपीडी-1700 से 1800
ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन बुखार के मरीज-80 से 110 तक
पांच माह से आ रहा बुखार
लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के गांव भूड़ाखान निवासी मोहम्मद इमरान की 13 वर्षीय पुत्री निशात को पांच माह से बुखार, सिर दर्द और सीने में दर्द की शिकायत है। इमरान ने बताया कि उसने तमाम डॉक्टरों का दिखाया लेकिन कोई फायद नहीं हुआ, तब यहां जिला अस्पताल लेकर आए।
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तिलहर के गांव गुलामखेड़ा निवासी राजीव कुमार की 35 वर्षीय पत्नी रेखा को दो दिन पहले ठंड लगकर बुखार आया। उसने बताया कि पहले गांव के ही एक झोलाछाप से दवा ली। फायदा नहीं हुआ तब इसके बाद वह पत्नी को मीरानपुर कटरा लेकर पहुंचा। वहां भी कोई आराम नहीं मिला, तब उसे जिला अस्पताल लेकर आया है।
रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती रेती निवासी दिनेश कुमार के 15 वर्षीय बेटे अंकित को छह दिन से बुखार आ रहा है। दिनेश बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो यहां उसे स्ट्रेचर तक नहीं मिला। घंटों वह बेटे को कंधे पर लादे खड़ा रहा। बेड भी बमुश्किल मिला, तब बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया।
ज्यादातर लोगों को बुखार की शिकायत है। मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बेड डलवाए गए हैं। स्टाफ को सचेत कर दिया गया है कि मरीजों का बेहतर से बेहतर उपचार करें।
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डॉ. एमपी गंगवार, सीएमएस
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