सड़क पर लगने वाले जाम ने बच्चों की शिक्षा पर ग्रहण लगा दिया दो दिन से रोजा मंडी और अटसलिया के पास जाम लगने से स्कूली बसें आ जा नहीं पा रही हैं, जिस कारण दूसरे दिन भी यहां के बच्चे शिक्षा से महरूम हो गए।
जमुका दोराहे से लेकर रोजा बाईपास तक धान का सीजन होन के कारण रोज सुबह पांच बजे से दोपहर बारह बजे तक जाम की स्थित रहती है कस्बे से शहर जाने वाले स्कूली छात्रों की संख्या करीब एक हजार से ज्यादा है जो बसो का सहारा लेते है जो इस जाम में फंसने के कारण समय से नहीं आ पाती।
इसी तरह जमुका दोराहे से हथौड़ा होते हुए शहर तक जाने वाले संपर्क मार्ग पर अटसलिया फाटक बंद रहने के कारण लंबा जाम लगा रहता है, जिससे यहां से वाहन तो क्या आम आदमी का गुजरना मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों के स्कूल के समय मे भी यही स्थित रहने से छात्रो को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जाम लगने से माध्यमिक तक की शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में सर्व शिक्षा अभियान का सब पढ़े सब बढ़े की सार्थकता निरर्थक ही है।
अभी तो यह बानगी मात्र है दशहरा से से लेकर दीपावली तक रोजा मंडी मे धान की भारी आवक होने पर तो आम आदमी का निकलना दूभर हो जाएगा, लेकिन इसके लिए न तो जिला प्रशासन ने और न ही यातायात पुलिस के पास कोई योजना है जिसके चलते कम से कम बच्चों की तो प्रभावित हो रही है।
आखिर कब जनता को समर्पित होगा मोहम्मदी मार्ग का आरओबी
रोजा। मोहमदी मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज बनकर तैयार है लेकिन विभागीय खीचतान के चलते उसे जनता के लिये नही खोला गया है जिससे अटसलिया और रोजा मे राजमार्ग के पास हर समय जाम की समस्या बनी रहती है। बता दे कि 30 सितंबर 2016 तक मोहमदी मार्ग पर लगभग 34 करोड़ की लागत से रेलवे समपार संख्या 318 पर आरओबी बनाया जाना था जिस पर काम लगभग पूरा हो चुका है उसको फाइनल टच भी दिया जा चुका है सिर्फ एक दो दिन का काम बाकी हैं लेकिन यह पुल बंद होने से मोहम्मदी की ओर आने या जाने वाले मुसाफिरो को अटसलिया, दियुरिया मोड़ व कैण्ट रोड का सहारा लेना पड़ता है जिससे इन मार्गो पर यातायात का भारी दबाव रहता है समय सीमा निकलने के बाद भी इसे आम जनता के लिये नही खोला गया है इस मामले मे बृजेन्द्र कुमार सहायक अभियंता सेतु निगम ने बताया कि अभी 15 दिन का वक्त और लगेगा आगे के बारे मे जानकारी अधिकारी लोग बतायेगे।