ओज के कवि विष्णु चंद्र गुप्त ‘विजुगीषु’ का रविवार शाम करीब चार बजे निधन हो गया। वह करीब 81 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से नगर में शोक की लहर दौड़ गई।
विजुगीषु 1948 से ही आरएसएस से जुड़े थे। रामजन्मभूमि आंदोलन में उन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं, जिसमें सबसे अधिक ख्याति 1992 में रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान लिखी शंखनाद को मिली। इसमें उनका गीत सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे काफी चर्चा में रहा था। नगर में सरस्वती शिुशु मन्दिर तथा विद्या मन्दिर के संस्थापक सदस्यों में रहे विजुगीष नवोदित साहित्यकार परिषद के कई सालों तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे।
वह गौ रक्षा आन्दोलन से भी जुड़े रहे, जिसके चलते उन्होंने पटियाला जेल में एक साल की सजा भी काटी। उन्होंने साहित्य लेखन का कार्य 22 साल की आयु में शुरू किया था। उनका अंतिम संस्कार घटियाघाट गंगा तट पर सोमवार को किया जाएगा। अंतिम यात्रा सुबह 10 बजे उनके आवास से आरंभ होगी।