जिलों में प्रशासनिक कार्य बेहतर तरीके से करने के लिए कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने प्रांतीय पदाधिकारियों से जिला मुख्यालय पर मिनी सचिवालय की स्थापना कराने के लिए शासन स्तर पर प्रयास करने का आग्रह किया है। इस संबंध में मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री समेत कार्यकारिणी सदस्यों को पत्र भेजकर सहयोग मांगा है।
प्रदेश सरकार ने शासन में सचिवालय की तरह जिला मुख्यालयों पर मिनी सचिवालय बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रत्येक मिनी सचिवालय से आसपास के चार जिलों को संबद्घ करके वहां से प्रशासनिक व्यवस्थाएं संचालित होनी हैं। सरकार की सोंच है कि जिस तरह राजधानी में सचिवालय के दायरे में शासन केसभी अधिकारी बैठते हैं, उसी तरह जिला मुख्यालयों पर डीएम और उनके मातहत अन्य विभागों के अधिकारी एक ही छत केनीचे बैठें।
इसके लिए चालू वित्त वर्ष में पांच जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत मिनी सचिवालय बनाए जाने हैं। कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश अग्निहोत्री और सचिव शिव किशोर ने गत 11 अप्रेल को मथुरा में हुई प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में जिला मुख्यालय पर मिनी सचिवालय बनाने की मांग की थी। इसी कड़ी में दोनों पदाधिकारियों ने प्रांतीय नेतृत्व को सर्कुलर भेजकर कहा है कि राजधानी से 150 किमी दूर जिला मुख्यालय से हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर और फर्रुखाबाद जिले के लोगों का आना-जाना होता है। इन पांच जिलों में नेशनल हाईवे से जुड़े शाहजहांपुर जिले का मिनी सचिवालय केलिए चयन किया जाना उचित होगा।