एक लाख रुपये से अधिक के जेवरों की खरीद पर पेन कार्ड अनिवार्य करने के विरोध में शुक्रवार को बाजार बंदी कर चुके चौक के सर्राफा व्यापारियों ने इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को भी कलक्ट्रेट पर केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। बाद में डीएम के नाम ज्ञापन देकर केंद्र सरकार के व्यापार विरोधी निर्णय को वापस कराने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि प्रधान देश में 85 प्रतिशत जनता गांव में रहती है। अधिसंख्य ग्रामीण पेन कार्ड से अपरिचित हैं। सरकार ने कृषि की आय को टैक्स फ्री घोषित कर रखा है। इसलिए जेवर खरीदने वाले ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर पेन कार्ड का ब्योरा मांगने की व्यवस्था लागू होना संभव नहीं है। चौक सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष जवाहर रस्तोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेशों में जाकर भारत में व्यापार को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके मेक इन इंडिया के नारे का यह निर्णय विरोध करता प्रतीत हो रहा है।
महामंत्री राजीव खन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार सर्राफा व्यवसाय पर जटिल कानून थोपकर उन्हें यह व्यवसाय छोड़ने को बाध्य कर रही है। इसलिए केंद्र सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करके ग्राहकों से पेन कार्ड दिखाने की व्यवस्था तत्काल वापस लेनी चाहिए। प्रदर्शन में सुरेंद्र सेठ, विनोद कुमार, ओमबाबू सर्राफ, शरद मेहरोत्रा, अशोक कुमार, अतुल कुमार, रामजी टंडन, सचिन खांडे आदि शामिल रहे।