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जितिन ने उठाए केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल

Mon, 15 Jun 2015 09:10 PM IST
खुटार।
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 पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी के साथ खुटार पहुंचे और धरने पर बैठे जगेंद्र सिंह के परिवार के लोगों से बात कर पूरी मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला हुआ है, इसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती है। प्रदेश सरकार पर पत्रकार के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा नहीं रह गया है। ऐसे में किसी ऐसी एजेंसी से मामले की जांच कराई जानी चाहिए, जिस पर राज्य सरकार का नियंत्रण न हो। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा शाहजहांपुर आए, लेकिन पत्रकार के परिवार की सुध लेने की जरूरत नहीं समझी। स्थानीय सांसद भी अभी तक पत्रकार के घर नहीं पहुंची हैं। केंद्र सरकार पूरे मामले को संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह पहले ही कह चुके हैं कि यूपी में जंगलराज है। जितिन प्रसाद के परिवार के लोगों के साथ धरने पर भी बैठे। उनके साथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कौशल मिश्र, धर्मेंद्र दीक्षित, केबी मिश्र, भन्नू सिंह, विश्वदीप अवस्थी सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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भारतीय प्रेस परिषद की टीम आज पहुुंचेगी खुटार
शाहजहांपुर। एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय ने जारी एक प्रेस विज्ञिप्त में बताया कि भारतीय प्रेस परिषद द्वारा गठित तीन सदस्यीय साक्ष्य खोजी दल मंगलवार को अपरान्ह एक बजे पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर खुटार पहुुंचेेंगे। इसके बाद शाहजहांपुर स्थित रिलायंस गेस्ट हाउस आएंगे। उसके बाद अपराह्न चार बजे विकास भवन सभा कक्ष में पत्रकारों वार्ता करेंगे।

जगेंद्र के घर 17 को आएंगे बीएम सिंह
पुवायां। किसान नेता बीएम सिंह 17 जून को जगेंद्र के परिवार के लोगों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे। बीएम सिंह ने फोन पर बताया कि पत्रकार की हत्या का मामला गंभीर है।
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सरकार को मंत्री सहित अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी और मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए था। यदि मंत्री बेकसूर हैं, तो सरकार को सीबीआई जांच से आपत्ति क्यों हैं? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। कहा, वह पूरी तरह से पत्रकार के परिवार के लोगों के साथ हैं और उनको न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। पत्रकार के परिवार को सरकार तुरंत आर्थिक मदद की घोषणा करे और स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच कराए।

कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ ने भी दिया धरना
खुटार। कांग्रेस कमेटी महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष शारदा थापा के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंची और जगेंद्र सिंह के परिवार के साथ धरने में शामिल हुईं। इस दौरान महिलाओं ने प्रदेश सरकार, राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शारदा थापा और संतोष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह मंत्री के बचाव में उतर आई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच का सवाल ही नहीं उठता। जांच के नाम पर खानापूरी की जा रही है। जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह पत्रकार के परिवार के साथ हैं और न्याय नहीं मिलने तक परिवार के साथ डटे रहेंगे। इस दौरान ममता सिंह, रचना निगम, सावित्री शर्मा सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

मंत्री को बर्खास्त कर भेजें जेल
खुटार। भाजपा नेता रागिनी सिंह सोमवार को जगेंद्र सिंह के परिवार के लोगों के साथ खुटार में धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि आरोपी मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर सभी आरोपियों को जेल भेजा जाना चाहिए और पूरे मामले को सीबीआई के जिम्मे कर देना चाहिए। पुलिस जांच में जगेंद्र के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सपा का चरित्र सब लोग जान चुके हैं। पूरे प्रदेश में गुंडाराज चरम पर है। उन्होंने पत्रकार के परिवार को 50 लाख की सहायता और पत्रकार के पुत्रों को नौकरी दिलाने की मांग भी उठाई। इस दौरान देवेश गुप्ता, सुनील सिंह, राजेश दीक्षित, आदित्य प्रकाश त्रिवेदी सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।

तैनात रहा भारी पुलिस फोर्स
खुटार। पत्रकार जगेंद्र सिंह को न्याय दिलाने के लिए सोमवार को तमाम नेता धरना स्थल पर पहुंचे। एहतियात की दृष्टि से धरना स्थल पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। सीओ उमेश शर्मा, खुटार एसओ राजेश सिंह कई पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर मौजूद रहे। जगेंद्र के घर स्थायी रूप से तैनात किए गए दरोगा और सिपाही भी मुस्तैद रहे। इस दौरान पुलिस ने नेताओं के बयानों पर भी निगाह रखी और वीडियोग्राफी भी कराई।

धरना स्थल पर जुटी भारी भीड़
खुटार। जगेंद्र के परिवार को न्याय के लिए धरने पर बैठना पड़ा है। तमाम लोग परिवार के समर्थन में उतर आए हैं और सोमवार को धरना स्थल पर भारी भीड़ रही। लोगों में आरोपी राज्यमंत्री और सरकार के प्रति रोष देखा गया। दिन भर में सरकार और राज्यमंत्री के खिलाफ तमाम बार नारेबाजी की गई। एक पूर्व सांसद के खिलाफ भी जमकर नारे लगे। धरना स्थल पर मीडिया कर्मियों का भी जमावड़ा रहा। कई चैनलों की ओवी वैन सहित लखनऊ, दिल्ली सहित तमाम स्थानों के पत्रकार मौके पर डटे रहे।

न्याय दिलाने को लखनऊ में धरना देंगे देवेंद्र पाल
खुटार। ददरौल के पूर्व विधायक और हाल ही में सपा से निष्कासित किए गए देंवेंद्र पाल सिंह सोमवार को खुटार पहुंचे और जगेंद्र सिंह के परिवार के लोगों के साथ धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि 12 जून को उन्हें मीडिया के माध्यम से पार्टी से निकाले जाने की जानकारी मिली। उन्होंने 29 मई को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से बात की थी। उन्होंने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के कारण पार्टी की छवि धूमिल होने की जानकारी देकर नेताजी से मिलने का समय मांगा था। राममूर्ति सिंह वर्मा ने उन पर तमाम अन्याय किए, लेकिन फिर भी वह पार्टी हित में काम करते रहे। उन्होंने कहा कि निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकार जगेंद्र सिंह के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्हें नेताजी पर भरोसा है लेकिन खेद है कि पत्रकार के परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है। पत्रकार के परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह लखनऊ के जीपीओ पार्क में गांधी प्रतिमा के समक्ष अनशन पर बैठेंगे। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे, चाहे परिणाम जो भी हो।

अधिकारियों के सामने फफक कर रोए सुमेर
आखिरकार जगेंद्र के घर पहुंचीं डीएम और एसपी
- परिवार के लोगों से की बात, कहा-होगी निष्पक्ष जांच
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। सामाजिक कार्यकर्ता और आईजी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर के सवाल उठाने के बाद डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार को पत्रकार जगेंद्र सिंह के परिवार से मिलने के लिए वक्त निकालना ही पड़ा। सोमवार को दोनों अधिकारी जगेंद्र के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से बात कर कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि एक जून को शाहजहांपुर स्थित आवास पर जलने के बाद पत्रकार जगेंद्र सिंह की लखनऊ में इलाज के दौरान आठ जून को मृत्यु हो गई थी। मृत्यु पूर्व बयान में उन्होंने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा सहित पुलिसकर्मियों और कई अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। जगेंद्र सिंह की मौत के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ, एडीएम, एसडीएम के अलावा किसी अधिकारी ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी थी। 13 जून को आईजी (नागरिक सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने जगेंद्र के घर पहुंचकर डीएम, एसपी के अब तक परिवार से न मिलने पर सवाल उठाया था।
सोमवार को डीएम और एसपी जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से अलग-अलग बात की। जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह अधिकारियों से बात करते हुए फफक कर रो पड़े। उन्होंने राज्यमंत्री की बर्खास्तगी, सभी दोषियों को जेल भेजे जाने, परिवार को मदद और जगेंद्र के पुत्रों को नौकरी दिलाने, सुरक्षा के लिए असलहा का लाइसेंस दिए जाने की मांग रखी। सुमेर सिंह ने कहा कि उन्हें राजीनामा करने को लालच दिया जा रहा है, ऐसे दरिंदों से उन्हें नफरत है। न्याय नहीं मिला तो उनका जीना मुश्किल हो जाएगा। पत्नी सुमन ने कहा कि पति की मौत से वह जीते जी मर गई है। उनके पति ने जलने के बाद आखिरी सांस तक जला देने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बहन लवली सिंह ने सवाल उठाया कि भाई ने दस दिन पहले ही हत्या किए जाने की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी? अधिकारी उनके सवाल पर चुप्पी साध गए। डीएम, एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है, कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। डीएम ने कहा कि परिवार की मदद के लिए वह शासन को लिखेंगी। इस दौरान एडीएम पीके श्रीवास्तव, एसडीएम लालबहादुर भी मौजूद रहे।
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