जलालाबाद। 29 नवंबर को कोलाघाट का पुल टूटने के बाद से लोग दिक्कत झेल रहे हैं। पैंटून पुल बनवाया, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला। शनिवार को पीडब्लूडी मंत्री जितिन प्रसाद कोलाघाट पहुंचे और अधिकारियों से कहा कि जनता को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने आवागमन के लिए एक और पैंटून पुल बनाने का निर्देश दिया। दो हफ्ते में दूसरा पैंटून पुल बन जाने की उम्मीद है। साथ ही एप्रोच रोड को दुरस्त करने के निर्देश दिए।
जितिन प्रसाद ने कहा कि मंत्री के आने पर चूने का छिड़काव और उनका स्वागत करने के बाद खिसकने की प्रवृत्ति अब बदलनी होगी। अधिकारी पुराने ढर्रे को छोड़ दें अन्यथा कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहें। मंत्री जितिन प्रसाद ने क्षेत्रीय विधायक हरिप्रकाश वर्मा के साथ पैंटून पुल और करीब तीन किलोमीटर लंबे कच्चे रास्ते का मुआयना किया। रास्ते की बेहद खराब हालत पर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण के बाद वह पीडब्ल्यूडी के टेंट में पार्टी नेताओं और जनता के साथ ही विभागीय अधिकारियों को बैठाया।
कहा कि जनता को आने-जाने में कोई असुविधा न हो, इसकी विस्तृत रूपरेखा बनाकर कार्य करें। साथ ही जनता को बताएं कि वे क्या सहूलियत देंगे और कार्य कितने दिन में पूरा हो जाएगा। विभाग के मुख्य अभियंता एमएम निसार ने बताया कि नदी के दोनों तरफ के रास्ते पर 25 अप्रैल तक खड़ंजा बिछवाया जाएगा। नदी के सटे दोनों ओर के रास्ते पर दस दिन में लोहे की चादरें डलवाई जाएंगी। मंत्री ने सेतु निर्माण निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार से कहा कि पुल के टूटे हिस्से का निर्माण शीघ्र शुरू कराने के लिए जांच कार्य समेत अन्य कार्यवाही को छह महीने में पूरा करें। इस दौरान लोनिवि के अधीक्षण अभियन्ता अवनीश कुमार, सेतु निर्माण के डीपीएम बिजेंद्र कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
पूर्व विधायक शरदवीर सिंह, चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार मंगलम, भूपेंद्र प्रताप सिंह, मनेंद्र सिंह चौहान, ब्लाक प्रमुख मिर्जापुर प्रियांशु रघुवंशी, वीरभाव सिंह, अरविंद सिंह, भाजपा नेता सौरभ कश्यप, पूर्व चेयरमैन संजय पाठक,स्वप्निल शर्मा, रोहित सिंह, विनीत मिश्रा, आयुष प्रताप सिंह, कृष्णकांत दीक्षित, गोपाल द्विवेदी, गौरव राघव, प्रदीप मिश्रा, श्याम बाबू सिंह, वैभव त्रिवेदी समेत मिर्जापुर व कलान से आये कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
विभागीय लापरवाही से मुश्किल में रही जनता
पैंटून पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करने के कारण कई बार क्षतिग्रस्त हुआ और अवागमन ठप रहा। नए सिरे से पैंटून पुल का निर्माण कराया गया, परंतु बारिश में तीन किलोमीटर लंबा पूरा कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो गया। करीब दस दिन तक लोग इसी रास्ते से निकलते रहे। मंत्री आगमन की सूचना पर शुक्रवार रात में ही कोलाघाट पुल के शुरुआत से रामगगा नदी तक के रास्ते पर पानी का जमकर छिड़काव, गड्ढों पटाव करने के साथ ही लोहे की इधर-उधर पड़ी चादरों को रास्ते पर बिछाकर सुबह तक पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई।