पुवायां/खुटार। गोमती की सहायक नदी झुकना तिल- तिल कर मर रही है। अवैध कब्जे करके की जा रही खेती और अवैध रेत खनन ने झुकना नदी को छलनी कर दिया है, लेकिन अधिकारियों को नदी के मिटते अस्तित्व की जरा भी परवाह नहीं है।
झुकना पहले शाहजहांपुर जिले और अब पीलीभीत में शामिल गांव महादेव माती के घनोधर तालाब से निकलती है। उद्गम स्थल के पास ही नदी की भूमि पर अवैध कब्जे कर खेती की जा रही है और गांव महादेव, माती आदि में नदी का नामोनिशान मिट चुका है। शाहजहांपुर जिले में खुटार रेंज के जंगल में यह नदी ढकवा घाट से प्रवेश करती है।
पुवायां और बंडा सीमा पर यह नदी गांव गदाईसांडा के पास गोमती में मिलती है। शाहजहांपुर जिले में बिलदांपुर जंगल में महादेव कुंड और खुटार बंडा रोड पर पुल के नीचे कुंड में थोड़ा सा पानी है। शेष स्थानों पर नदी सूखी पड़ी है। एसडीएम दशरथ कुमार ने बताया कि नदियों की भूमि से अवैध कब्जे हटवाने को अभियान चलवाया जाएगा।
यहां पर हैं अवैध कब्जे
खुटार गांव महोलिया, हरीपुर, बिजौरा बिजौरिया, भोपतपुर, बंडा खुटार मार्ग पर पुल के पश्चिम, गदाईसांडा आदि में झुकना नदी की सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे हैं। भोपतपुर में चार माह पूर्व वन विभाग ने विभाग और नदी भूमि की पैमाइश कराई थी, लेकिन एक रसूखदार ने सत्तापक्ष के नेता की सिफारिश कर पैमाइश का काम रुकवा दिया।
इन स्थानों पर होता है अवैध खनन
झुकना नदी में खुटार बंडा मार्ग पर पुल के पास, भोपतपुर, महोलिया, हरीपुर आदि स्थानों पर रेत का अवैध खनन किया जाता है। माफिया के श्रमिक सुबह रेत निकालकर नदी में ही ढेर लगा देते हैं और रात में भर ले जाते हैं।
महादेव कुंड में होती थी भारी मछली
खुटार के गांव रूरा निवासी ठेकेदार प्रीतलाल ने बताया कि वर्तमान में उनका झुकना नदी का मछली का ठेका है, लेकिन नदी के सूखा होने के कारण इस बार भारी घाटा होने की आशंका है। प्रीतलाल के अनुसार महादेव कुंड में कभी 15-15 किलो वजन तक की मछलियां होती थीं, लेकिन अवैध कब्जों के कारण पानी नहीं रह गया तो मछलियों सहित तमाम जलीय जीव मर गए।