जलालाबाद। बरेली हाईवे पर सेवानिवृत्त शिक्षक रामकिशोर गुप्ता के घर में शुक्रवार को देर रात घुसे चोर सेफ में रखा लाइसेंसी रिवाल्वर समेत लाखों रुपये के जेवरात और 30 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। सीओ अजय राय व प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर ने मौके पर जांच की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले, लेकिन चोरों का सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने पूछताछ के लिए मकान में रहने वाले कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है।
मोहल्ला कानूनगोयान निवासी रामकिशोर गुप्ता का बड़ा बेटा अरुण गुप्ता चार्टर्ड एकाउटेंट हैं जो कि पत्नी सहित दिल्ली में रहता है। छोटा बेटा वरुण गुप्ता व उनकी पत्नी पूजा गुप्ता चिकित्सक हैं और बरेली में उनका नर्सिंग होम है। दोनों वहीं रहते हैं, लेकिन वरुण ने स्थानीय मकान के अगले हिस्से में क्लीनिक खोल रखा है और वह सप्ताह में दो दिन यहां बैठते हैं।
इस क्लीनिक में बतौर कंपाउंडर काम करने वाला गढ़ियारंगीन का एक युवक बीते कई माह से ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में रहता है। रामकिशोर ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि चोर एक कमरे में रखी अलमारी से नकदी के अलावा सोने की सात अंगूठियां, चार चूड़ी, तीन जोड़ी कान के टाप्स, चांदी के सौ सिक्के और चार जोड़ी पायल के अलावा दूसरे कमरे की अलमारी में रखा बेटे वरुण का 32 बोर का लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी कर ले गए।
प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना के खुलासे के लिए एसओजी के अलावा पुलिस की कई टीमें लगाई गईं हैं।
छत से चोरों के घर में घुसने का अनुमान
मकान मालिक सहित अन्य लोगों का अनुमान है कि चोर मकान के सामने लगे जालीदार गेट से छत पर चढ़ गए और जीने के रास्ते घर में दाखिल हो गए। जीने का दरवाजा खुला होने के कारण चोर बिना कोई आहट किए नीचे उतर गए। जिस कमरे में मकान मालिक दंपती लेटे थे, उसी की एक रैक में सभी चाबियां रखी थीं। चोरों ने किचन और क्लीनिक के पीछे रखी दो अन्य अलमारियां भी खोलीं, लेकिन वहां कुछ नही मिला। बाद में चोर गेट पर लगे ताले को खोलकर बाहर निकल गए।
आधी रात के बाद हुई चोरी
मकान मालिक के अनुसार वह शुक्रवार को रात 11 बजे के बाद ही सोए थे। उन्होंने बताया कि देर रात करीब दो बजे लघुशंका को उठे, तो क्लीनिक के पीछे रखीं दोनों सेफ खुली देखीं। उनमें दवाइयां रखी थीं, इसलिए उन्हें लगा कि कंपाउंडर अलमारी बंद करना भूल गया। रोजाना की तरह सुबह चार बजे जब आंख खुली और बाहर निकले। कमरों के अलावा बाहर गेट का भी ताला खुला देखा, तो चोरी होने की जानकारी हुई। कमरे के एक बक्से में लाइसेंसी राइफल भी रखी थी। यह राइफल अरुण गुप्ता के नाम है। चोरों बक्सा नहीं खोला, ऐसे में राइफल बच गई।