पुलिस लाइंस गेट पर मंगलवार की दोपहर मोनिका के परिवार वालों ने उसके सात दिन पुराने शव को रखकर स्टेशन रोड पर जाम लगा दिया। मौके पर दोनों ओर वाहनों के जाम लगने से भारी अफरातफरी की स्थिति बन गई। हालात को संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे परिवारीजन और पड़ोसियों की मांग थी कि आरोपियोें को गिरफ्तार किया जाए और कैंट चौकी प्रभारी पर कार्रवाई हो। अधिकारियों ने मौके पर ही कैंट चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिये जाने की सूचना दी एवं सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी द्वारा आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार करने का भरोसा दिए जाने पर करीब डेढ़ घंटे से लगा जाम हट पाया।
उसके बाद परिवारवाले सड़क से शव को उठाकर घर ले गए। उनका कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि पुलिस लाइंस के फालोअर हरनाम सिंह यादव की 14 बेटी मोनिका यादव बीती सात सितंबर को लापता हो गई थी। इस मामले में हरनाम ने अगले दिन अज्ञात के खिलाफ बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का थाना सदर बाजार में मुकदमा कराया था। इस मामले की विवेचना कर रहे कैंट चौकी प्रभारी आसिफ अली ने मोनिका के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई थी, जिसमें पुलिस लाइंस में रहने वाले एक लड़के से मोनिका की गायब होने वाले दिन को 60 बार बात होने की पुष्टि हुई थी। आखिरी कॉल भी उसी की थी। इस आधार पर कैंट चौकी प्रभारी ने उस लड़के से पूछताछ करने के बाद उसे छोड़ दिया था। रविवार की शाम मोनिका का सड़ा गला शव पुलिस लाइंस के पीछे पड़ा मिला था। मृतका के परिवार वालों ने उसी लड़के पर हत्या का आरोप लगाया था। सोमवार को दिन में मृतका के परिवार वालों ने उस लड़के पर हत्या का आरोप लगाते हुए और कैंट चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर हंगामा किया था। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने मामले में आरोपियों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण बिसरा जांच के लिए रख लिया गया।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे मोनिका के परिवार वालों ने पुलिस लाइंस के गेट पर मोनिका का शव रखकर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव और सदर बाजार थाना के इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम लगाने वाले लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित परिवारीजन अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मृतका के परिवार वाले इस शर्त पर शव घर वापस ले गए कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
जाम लगाने में महिलाएं रहीं आगे
मोनिका का शव परिवार वाले अंतिम संस्कार करने के बाहने पुलिस लाइंस से बाहर ले आए। एंबुलेंस में रखा शव पुलिस लाइंस गेट पर पहुंचने पर महिलाओं ने वैन रोककर जाम लगा दिया। बाद में पीछे से पुरुष भी आ गए। करीब 15 मिनट बाद यह लोग नारेबाजी करते हुए एंबुलेंस को स्टेशन रोड पर ले आए और पुलिस लाइंस के सामने जाम लगा दिया। इसी बीच सदर इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने काफी प्रयास किया कि जाम न लगने पाए, लेकिन आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए जाम लगा ही दिया।
सीओ सिटी से हुई नोकझोंक
सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने जाम लगाने वाले लोगों को कैंट चौकी प्रभारी के लाइन हाजिर होने की बात बता दी और यह भी आश्वासन दे दिया कि आरोपियों को 24 घंटे के बाद गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन फिर यह लोग जाम लगाने की बात पर अड़े हुए थे। इसी बीच जाम लगाने वालों की सीओ सिटी से काफी नोकझाेंक भी हुई। सीओ सिटी ने जाम लगाने वाले कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को आगाह भी किया।
सात दिन पुराना शव 24 घंटे के लिए फिर रखा
मोनिका का शव सड़ी गली अवस्था में मिला था। मोनिका का पोस्टमार्टम दो डॉक्टराें के पैनल में कराया गया था और वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि शव कम से कम पांच से छह दिन पुराना है। इससे यह साबित होता है कि जिस दिन मोनिका गायब हुई उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई। शव सात दिन पुराना था और 24 घंटे लिए फिर रख लिया गया है। ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि परिवार के लोग अपनी बात को मनवाने के लिए शव का सहारा ले रहे हैं।
इस मामले में कैंट चौकी प्रभारी आसिफ अली को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मुकदमे में आरोपियों के नाम बढ़ाकर उनको 24 घंटे में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया है। शव का अंतिम संस्कार करें या न करें, यह मृतका के परिवार वालों का अपना निजी मामला है।
- अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ सिटी, शाहजहांपुर