महंत सत्यदेव पांडेय। संवाद
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना।
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भगवान परशुराम मंदिर के महंत पंडित सत्यदेव पांडेय ने बताया कि लाखों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली का नाम परशुरामपुरी स्वीकृत करके बहुत ही पुनीत कार्य किया गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री समेत इस दिशा में प्रयासशील रहने वालों का आभार जताते हैं।
श्री परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति के महासचिव गोपाल द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से सरकार ने नगर का नामकरण परशुरामपुरी कर दिया है। प्रबंध समिति के पदाधिकारियों समेत लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं का ख्याल रखा गया है।
श्री परशुराम सर्व कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सोमवार जलालाबाद ही नहीं बल्कि पूरे जनपद वासियों के लिए ऐतिहासिक बन गया। परशुरामपुरी नाम घोषित कराने के लिए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास सराहनीय हैं।
भगवान परशुराम मंदिर जीर्णोद्धार व जनजागरण समिति के अध्यक्ष अशित पाठक ने कहा कि जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किए जाने का स्वागत करते हैं। वर्ष 2010 में समिति के नेतृत्व में परशुरामपुरीवासियों ने ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया था।
प्रसाद भवन पर ढोल बजाकर बांटी गई मिठाई
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के कैंप कार्यालय प्रसाद भवन पर जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की बैठक में मुहर लगने पर जश्न मनाया गया। ढोल के साथ ही एक-दसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता कौशल मिश्रा, अनिल तिवारी, प्रशांत कठेरिया, अमित बाजपेई दिव्यांशु बाजपेई, अनुज शुक्ला आदि मौजूद रहे।
आतिशबाजी जलाकर खुशियां मनाई
सोमवार शाम जन्मस्थली परिसर में श्री परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति की बैठक हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों और समिति के पदाधिकारियों ने आतिशबाजी छोड़कर खुशी मनाई। बैंडबाजा बजाए जाने के साथ ही लड्डू भी बांटे गए। इससे पहले सभी लोगों ने भगवान की पूजा-अर्चना की। नगर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों पर दीप जलाकर खुशी जताई। समिति के प्रबंधक रामू अग्निहोत्री, विनोद चंद्र शर्मा, गोपाल द्विवेदी, दिलीप अग्निहोत्री, प्रदीप मिश्रा आदि मौजूद रहे।