गौहरीमाफी पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएं
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केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय ने जिले के जलालाबाद स्थित भगवान परशुराम जन्म स्थली, मां रेणुका मंदिर और झील के साथ ही शाहजहांपुर शहर के हनुमतधाम को भी पर्यटन स्थल का दर्जा देने का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है। इससे जलालाबाद में अब विकास को गति मिलने के आसार बढ़ गए हैं। इस संबंधी बजट जल्द ही स्वीकृत होने के संकेत हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा इस क्रम में जल्द ही जिले के दौरे पर पहुंचेंगे। इसकी पुष्टि केंद्रीय बाल एवं महिला कल्याण मंत्री कृष्णा राज ने की।
उन्होंने बताया कि बीती रात नई दिल्ली के एक होटल में केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने यूपी के सांसदों के साथ चर्चा के कार्यक्रम में प्रदेश के अलग - अलग संसदीय क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों के स्वीकृत प्रस्तावों की जानकारी दी। उस सूची में शाहजहांपुर आठवें नंबर पर था। उसमें उक्त चारों स्थलों का जिक्र था। आरंभिक तीन स्थल जलालाबाद के हैं। बीते करीब ढाई दशक से भी अधिक समय से जिले में जलालाबाद के पौराणिक स्थलों को पर्यटन स्थल का दर्जा देते हुए उसे विकसित कराने की मांग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठन आंदोलनरत थे। यह मसला चुनावी मुद्दा भी बना। गत दिनों जिले के दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिला के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सिंह द्वा्रा जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्म स्थली मानने से इंकार किए जाने पर सामाजिक और धार्मिक संगठन उनके खिलाफ सड़कों पर उतर गए थे।
बीते दिसंबर माह के आखिर में सांसद कृष्णा राज के आग्रह पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने जलालाबाद में जाकर पौराणिक महत्व वाले स्थानों को देखा था एवं पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने संबंधी सक्रिय पहल का भरोसा दिया। बाद में वह शाहजहांपुर शहर के बिसरात स्थित हनुमतधाम पहुंचे थे और भाजपा विधानमंडल दल नेता सुरेश कुमार खन्ना के अनुरोध पर इस धाम को केंद्रीय स्तर पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने का भरोसा दिया। उसके करीब पखवाड़े भर बाद केंद्रीय अधिकारियों की टीम ने जलालाबाद के पौराणिक स्थलों का दौरा कर कई जरूरी स्थानीय इनपुट जुटाए थे।