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तिलहर तहसील के गांवों से लेकर शहर के सुभाषनगर तक पहुंची गर्रा की बाढ़

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शाहजहांपुर। जिले में लगभग सभी नदियां बाढ़ से उफना गई हैं। रामगंगा की बाढ़ ने जैतीपुर से बदायूं के दातागंज को जोड़ने वाले मार्ग को काट दिया है जिससे दोनों जिलों के बीच ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। वहीं गर्रा नदी खतरे के निशान से ऊपर है और उसकी बाढ़ ने तिलहर के गांवों से शहर के सुभाषनगर इलाके को घेर लिया है। भैसार बांध पर गंगा आठ सेमी और परौर में रामगंगा 34 सेमी बढ़ गई जिससे करीब दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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भारी वर्षा के दौरान चार दिन पहले ड्यूनी डाम से अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ने से गर्रा में उफान बढ़ने लगा। बीती शाम गर्रा खतरे के निशान 148.50 मीटर तक पहुंच गई। रात में पानी बढ़ा और सुबह जलस्तर 148.55 मीटर हो गया। नदी का बहाव ककरा-अजीजगंज मार्ग के नवनिर्मित पुल के करीब पहुंच गया। गर्रा से जुड़े शहर के नालों में आबादी क्षेत्र की ओर पानी उल्टा बह चला। चूंकि, सुभाषनगर में जलभराव पहले से था। इसलिए नालों से नदी का पानी आने से वहां आबादी क्षेत्र में पानी पहुंच गया।
सुभाषनगर के लोग सुबह सोकर उठे तो उन्हें अपने घरों के आसपास खाली पड़े प्लॉट जलमग्न मिले। कुछ मकान चौतरफा पानी से घिर गए हैं, वहां रहने वालों को घरों से निकलना कठिन हो गया है। एक दोपहिया वाहन एजेंसी शोरूम के बगल से मास्टर कॉलोनी जाने पर वहां के अधिकांश मकान बाढ़ से घिरे मिले। घरों के बाहर बैठे लोगों ने बताया कि नाले-नालियों से पानी के निकास की सही व्यवस्था नहीं होने से उन्हें हर साल बाढ़ से जूझना पड़ता है।
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मार्ग कटा, अब तिलहर और बरेली होकर पहुंचेंगे बदायूं
जैतीपुर। क्षेत्र के नवादा मोड़ से होकर दातागंज (बदायूं) जाने वाले राज्यमार्ग पर बरेली जिले की सीमा में आने वाले गांव मानपुर त्रिलोक के पास मार्ग का काफी हिस्सा रामगंगा की बाढ़ के तेज बहाव में कट गया है। इससे शाहजहांपुर और बदायूं जाने वालों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।
फतेहगंज पूर्वी व जैतीपुर से बदायूं जाने वाले यात्री इसी मार्ग से जाते थे। अब उन्हें यहां से तिलहर, कटरा और बरेली होकर बदायूं जाना पड़ेगा। बाढ़ के तेज बहाव में गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव जौरा पट्टी निवासी विक्रम की भैंस खुलकर बह गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि जब तक भैंस को बाहर निकाला, उसकी मौत हो गई।
हनुमत धाम के आसपास खन्नौत ने ढाया कहर
खन्नौत नदी की बाढ़ कहर ढाने लगी है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार 24 घंटे में खन्नौत का जलस्तर 45 सेमी बढ़कर 145.50 मीटर हो गया है। हालांकि, अभी नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है लेकिन नदी ने बिसरात घाट और हनुमत धाम को अपनी चपेट में ले लिया है। हनुमत धाम परिसर और उसका मंदिर चौतरफा पानी से घिर गया है। धाम के आसपास आबादी क्षेत्र के मकान भी टापू में बदल गए हैं। धाम के पूर्व दिशा में मोहल्ला ख्वाजा फिरोज के दर्जनों मकान पानी से घिरे हैं और वहां से दलेलगंज के पक्का पुल की ओर जाने वाला मार्ग जलमग्न होने से आवागमन ठप हो गया है।
चितीवोझी गांव के घरों तक पहुंची गर्रा की बाढ़
तिलहर। गर्रा नदी के किनारे बसे लगभग आधा दर्जन गांवों के किनारे बाढ़ की स्थिति बन गई है। एसडीएम राशि कृष्णा ने प्रशासनिक टीम के साथ बृहस्पतिवार को गांव चितीवोझी, घनश्यामपुर आदि का दौरा करके कानूनगो और लेखपालों को आवश्यक निर्देश दिए। गांव चितीवोझी में प्राथमिक स्कूल के बाहर पानी भरने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गांव में कुछ घरों के किनारे पानी भरने से लोगों ने घर खाली करके अन्य स्थानों पर शरण ले ली है। नदी के किनारे बसे अजमाबाद, बिहारीपुर, चितीवोझी, घनश्यामपुर, ढकिया रघा, वरहा मोहब्बतपुर आदि गांवों के किनारे भूमि कटान होने लगा है। आजमाबाद बिहारीपुर के गन्राम प्रधान ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव के किनारे टकराने लगा। कुछ लोगों ने अपने मकान खाली करने शुरू कर दिए हैं। बरहा मोहब्बतपुर के पूर्व प्रधान अशोक गुप्ता के अनुसार बाढ़ का पानी गांव के किनारे आ गया है। एसडीएम राशि कृष्णा ने बताया कि प्रभावित गांवों में नाव की व्यवस्था करा दी गई है। बाढ़ चौकी भी बनाई जा रही हैं।
रामगंगा की बाढ़ से चौतरफा घिरा बीघापुर पूर्वी
शाहजहांपुर। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से मिर्जापुर और जलालाबाद क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। रामगंगा की बाढ़ से कोलाघाट पुल के पास जलालाबाद रोड पर बसी ग्राम बीघापुर-सिठौली की नई बस्ती जलमग्न हो गई है। वहीं पूर्वी बीघापुर को जाने वाले कच्चे रास्ते में चार से पांच फिट पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। उधर, गंगा में उफान से इस्लामनगर-चौंरा संपर्क मार्ग पर पानी आ गया है। अब जलालाबाद-एटा स्टेट हाईवे पर पानी बढ़ रहा है। रामगंगा से चौतरफा घिरे बीघापुर पूर्वी के अनिल कुमार व रविंद्र ने बताया कि वे लोग करवाचौथ की बाजार करने के लिए नदी तैरकर जरीनपुर पहुंचे। पहरुआ गांव में जायजा लेने आईं सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता नेहा वर्मा ने भूमि कटान रोकने के लिए प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया है। इस बीच, सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने बाढ़ प्रभावित ग्राम इस्लामनगर में चिकित्सा शिविर लगाकर करीब तीन सौ रोगियों को दी दवाएं दीं।
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