आध्यात्मिक गुरु बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी बताए जा रहे बाबा उमाकांत का रूहानी काफिला उनके हजारों अनुयायियों और तमाम वाहनों के लाव-लश्कर के साथ सोमवार को दोपहर बाद यहां पहुंचेगा। इस बीच, आसपास के जनपदों-कसबों से भी उनके हजारों भक्त पहुंचने के आसार हैं। इस आयोजन के दौरान वाराणसी जैसे हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी रविवार को दिन भर आयोजकों से संपर्क और सुरक्षा तैयारियों में जुटे रहे। आयोजन को नए सिरे से पुलिस - प्रशासनिक स्तर पर सशर्त अनुमति दी गई है। सत्संग स्थल को छावनी में तब्दील किया जा रहा है ताकि कहीं कोई दुर्घटना की आशंका ना रहे।
कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से जिले में रूहानी सत्संग की तैयारियां करीब एक माह पहले शुरू कर दी गई थीं। गत छह सितंबर को उनके प्रार्थना पत्र पर तत्कालीन एसडीएम सदर अजय तिवारी ने कार्यक्रम की अनुमति भी दे दी थी। उस वक्त आयोजन से जुड़े लोगों ने अफसररों को कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से केवल तीन-चार हजार अनुयायियों के जुटने की सूचना दी थी। इसलिए अफसर भी अन्य धार्मिक समागमों की तरह इस आयोजन को बेहद हल्केपन से ले रहे थे।
बीते दिन वाराणसी में स्वयं को बाबा जयगुरुदेव का उत्तराधिकारी बताने वाले पंकज महाराज के समागम में चार-पांच हजार पूर्व अनुमानित भक्तों के विपरीत लाखों अनुयायी जुटने से भगदड़ के दौरान दो दर्जन से अधिक लोग मौत का शिकार बन गए तो जिला प्रशासन स्थानीय आयोजन को लेकर एकाएक हाई अलर्ट मोड पर आ गया। डीएम राम गणेश के निर्देश पर शनिवार रात से ही अफसरों ने कार्यक्रम स्थल का दौरा करके पूरे आयोजन की नए सिरे से पड़ताल करनी शुरू कर दी।
प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सारा ध्यान इस बिंदु पर केंद्रित किए हैं कि अनुमान से अधिक भीड़ आयोजन स्थल पर इकट्ठा नहीं होने पाए। एडीएम प्रशासन जितेंद्र शर्मा, एएसपी ग्रामीण रमेश भारतीय, एसडीएम सदर रामजी मिश्रा, यातायात उप निरीक्षक आलोक मिश्र आदि ने रविवार को सुबह कार्यक्रम स्थल पर जाकर वहां की व्यवस्थाएं जांची। यही नहीं, कुछ व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी आयोजकों पर डालकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
खास बात यह है कि अफसरों द्वारा यहां पहुंच रहे अनुयायियों की संख्या का ब्यौरा मांगने पर आयोजकों ने लिखित तौर पर 25-30 हजार लोगों के जुटने की बात कही है। इसके विपरीत आयोजन से जुड़े बाबा जयगुरुदेव ध्धर्म विकास संस्था के जिला महामंत्री मुकेश मोहन गुप्ता, गोकरन प्रसाद आदि ने मौके पर पहुंचे अफसरों को बताया कि 50 हजार लोगों के लिए पंडाल आौर अन्य व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। भीड़ की अनुमानित संख्या का यही अंतर अपफसरों के गले नहीं उतर रहा है।
मुरादाबाद प्रशासन से अफसरों ने बढ़ाया संपर्क
बाबा उमाकांत महाराज का रूहानी काफिला सोमवार को सुबह मुरादाबाद से चलकर दोपहर बाद तक यहां पहुंचेगा। उनके काफिले में कितने वाहन और उन पर कितने अनुयायी साथ चल रहे हैं, कितने लोग सत्संग समागम में पहुंचे आदि बिंदुओं पर जानकारी जुटाने के लिए जिले के अफसर मुरादाबाद जिला प्रशासन से संपर्क बनाए हुए हैं।
आयोजकों को स्वयं करनी होंगी यह व्यवस्थाएं
सत्संग के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने कई व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी आयोजकों पर डाली है। उन्हें पंडाल के पास अग्निशमन वाहन और चिकित्सा वाहन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि भक्तों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने के साथ उसकी सीएमओ स्तर से जांच भी कराएं कि पानी पीने योग्य है अथवा नहीं।
दोपहर से ही फोर्स आयोजन स्थल तैनात होगी
शाहजहांपुर। रुहानी सत्संग स्थल पर बरेली मोड़ के पास सोमवार दोपहर से ही भारी संख्या में फोर्स उतार दी जाएगी। दो एंबुलेंस, दो फायर ब्रिगेड के अलावा पुसिस के दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस टीमें भी तैनात रहेंगी। रविवार रात को तय हुई रणनीति के अनुसार, तीन सीओ, 10 एसओ, 35 एसआई, 80 सिपाही, दो प्लाटून पीएसी और महिला कांस्टेबलों की अलग टीम मौके पर तैनात रहेगी। एसपी देहात रमेश कमार भारतीय ने बताया कि हाईवे की ट्रैफिक बाधित न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मैनुअल बैरीकेडिंग से भीड़ ज्यादा होने पर ट्रैफिक को धीमी गति से पास कराया जाता रहेगा।
यहां वाराणसी जैसी स्थिति नहीं है। बरेली मोड़ पर जहां आयोजन होना है, वहां पुलिस - प्रशासनिक अधिकारियों ने कई राउंड जाकर मुआयना किया है। आयोजन को अनुमति पहले से दी जा चुकी थी लेकिन उसे कुछ संशोधित कर दिया गया है। की जा रही व्यवस्थाओं के दृष्टिगत कोई दिक्कत नहीं होगी, ऐसा अनुमान है। -- राम गणेश, जिलाधिकारी, शाहजहांपुर।
सत्संग स्थल पर पर्याप्त फोर्स तैनात रहेगी। हाइवे की ट्रैफिक बाधित ना हो और भीड़ भी आसानी से पास होती रहे, इसकी मुकम्मल व्यवस्था की गई है। -- केबी सिंह, एसपी शाहजहांपुर।
वाराणसी की घटना को देखते रूहानी सत्संग के आयोजन को लेकर प्रशासन शत-प्रतिशत सावधानी बरत रहा है। काय्रक्रम स्थल पर की गई व्यवस्थाओं की अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा, पीडब्ल्यूडी आदि विभागाें से जांच कराई जा रही है जिससे कि कोई अप्रिय स्थिति पैदा नहीं होने पाए। -जितेंद्र शर्मा, अपर जिलधिकारी प्रशासन।