मॉस संस्था की बैठक नगर पालिका परिषद में हुई। इसमें भूमि अधिग्रहण बिल को किसान विरोधी बताया गया। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
संस्था के अध्यक्ष सुनीता कठेरिया ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वायदे किए थे। केंद्र में सरकार बनने के बाद भाजपा अपने वायदे भूल गई है। सरकार पूंजीपतियों का हित साधने में लगी है। भूमि अधिग्रहण बिल इसका प्रमाण है। भूमि ही नहीं होगी तो किसान की आजीविका कैसे चलेगी। किसान बर्बाद होगा तो देश भी बदहाल होगा।
इस दौरान समाजसेवी फकीरेलाल भोजवाल, महासचिव प्रशांत कठेरिया ने भी विचार व्यक्त किए। बैठक में सियाराम दास, जगदीश प्रसाद, लालजी वर्मा, मुरारीलाल, रामलाल भास्कर, गुरुसहाय, सुशील कश्यप, अयोध्या प्रसाद, ब्रजेश गंगवार, प्रमोद नरवीर, महबूब हुसैन इदरीसी आदि मौजूद रहे।