शाहजहांपुर। रायबरेली जिले के हरिचंदपुर थाना क्षेत्र के मझिगवां गांव निवासी सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर संतोष कुमार (36) का शव बृहस्पतिवार सुबह शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के आउटर पर डाउन लाइन पर मिला। उनकी गर्दन धड़ से अलग थी। अभी परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
संतोष कुमार की नौकरी वर्ष 2020 में लगी थी। तब से वह थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला एमनजई जलालनगर स्थित अपनी ससुराल में रह रहे थे। अमित कुमार ने बताया कि बहनोई संतोष कुमार बृहस्पतिवार सुबह रोजाना की तरह जल्दी उठे। स्नान कर पूजा-पाठ कियाए फिर चाय-नाश्ता करने के बाद करीब आठ बजे घर से टहलने के लिए निकल गए। करीब नौ बजे घर आए मोहल्ले के ही कुछ लोगों ने बहनोई की मौत के बारे में बताया। वह तुरंत रेलवे स्टेशन पहुंचे। तब तक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा चुका था। जीआरपी ने बहनोई के कपड़ों से मिले आई कार्ड और फोटो दिखाए। इसे देख शव की पहचान की है। इसके बाद उनके परिवार वालों को सूचना दी।
अमित ने बताया कि दो महीने पहले बहनोई का अपने विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से काम के दबाव को लेकर विवाद हुआ था। बहनोई तनाव में आए तो उनके कार्यालय जाकर बातचीत की थी। बहनोई ने कार्रवाई करने से रोक दिया था। अमित ने बताया कि बहन-बहनोई दोनों सरकारी नौकरी में थे। परिवार में कोई दिक्कत नहीं थी। वहीं, परिजन पोस्टमॉर्टम के बाद शव को रायबरेली ले गए। जीआरपी थाना प्रभारी रेहान अली ने बताया कि साढ़े आठ बजे एक व्यक्ति के ट्रेन से कटने की सूचना मिली थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट व तहरीर आने पर मामले की जांच की जाएगी।
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2019 में हुई थी शादी, 2020 में लगी नौकरी
अमित ने बताया कि वर्ष 2019 में बहन सरिता वर्मा की शादी संतोष के साथ हुई थी। इसके एक साल बाद ही बहनोई की नौकरी शाहजहांपुर में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर लग गई थी। तब से बहनोई ससुराल में ही रह रहे थे। अमित ने बताया कि बहन सरिता सीतापुर जिले के महोली स्थित एक प्राइमरी विद्यालय में शिक्षिका हैं। वह अपने ससुर और चार साल की बेटी ट्विंकल और ढाई साल की गौरी के साथ सीतापुर में किराये के मकान में रहती हैं।
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सात साल पहले किया था प्रेम विवाह
रायबरेली। जेई संतोष कुमार की मौत की घटना से परिवार को हिलाकर रख दिया है। परिवार के सदस्यों को जबह घटना की जानकारी मिली तो शाहजहांपुर के लिए रवाना हो गए। बताते हैं कि संतोष कुमार के पिता भारत यादव गांव में खेती करते हैं और उनके बड़े भाई दुर्गेश मझिगवां करन गांव में होटल चलाते हैं। संतोष का विवाह सात वर्ष पहले शाहजहांपुर के सदर बाजार मोहल्ला एमनजई जलालनगर की रहने वाली सरिता वर्मा से हुआ था। दोनों ने प्रेम विवाह किया था। संतोष अपने घर त्योहार पर आते थे। सरिता सीतापुर में शिक्षक हैं। परिवार के लोग घटना के बारे में बहुत कुछ जानकारी नहीं दे रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों में चर्चा है कि दंपती के आपसी संबंध कुछ समय से सही नहीं चल रहे थे। संतोष के परिवार के कुछ लोगों का कहना है कि शव का अंतिम संस्कार रायबरेली में होगा। शव शुक्रवार को आएगा। संवाद
संतोष कुमार का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन