शाहजहांपुर। अनियमित दिनचर्या, तनाव और बेहतर खानपान न होने से लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। हृदय, उच्च रक्तचाप, गुर्दे और लिवर की बीमारियों से लोग जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो दिनचर्या में बदलाव से लोग रोगों से बच सकते हैं। इस पर जागरूक करने के लिए सात अप्रैल को हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना ही 15 सौ से ज्यादा मरीज नए पर्चे बनवाते हैं। इसमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, हृदय, फेफड़े आदि की समस्या को लेकर अधिक लोग पहुंचते हैं। डॉक्टर के अनुसार, यह रोग एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन दिनचर्या और खानपान बेहतर नहीं होने से लोग खुद बीमार हो जाते हैं।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि बीमारियों से बचने के लिए आठ घंटे की नींद लेना जरूरी है। कसरत या योग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना चाहिए। घरेलू खानपान के बजाय फास्ट फूड खाने से लोग मोटापे की चपेट भी आ रहे हैं।
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स्वस्थ शुरुआत, आशावादी भविष्य है, थीम पर होंगे कार्यक्रम
-विश्व स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम स्वस्थ शुरुआत, आशावादी भविष्य रखी गई है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस दिवस पर मां और उसके बच्चे को लेकर चर्चा की जाएगी। गर्भावस्था के बाद प्रत्येक तीन महीने में जांच जरूरी है। मां एनीमिया, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित न हो। प्रसव के बाद जच्चे-बच्चे की देखभाल भी जरूरी है। बच्चे का तय समय पर टीकाकरण भी बीमारियों से बचाता है।