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Shahjahanpur News: रामगंगा से कटान को रोकने के लिए ठोकर निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

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मिर्जापुर में रामगंगा नदी के कटान से बचने के लिए लगाए जाते बंबू। स्रोत : जागरूक पाठक
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मिर्जापुर/परौर। पहाड़पुर गांव में रामगंगा नदी के कटान से संपर्क मार्ग और गांव के मकानों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग कटान वाले हिस्सों में बंबू क्रेट लगाने और उनमें ईंट से भरे जियो बैग डालने का काम बुधवार को भी जारी रखा। इस बीच, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सत्यपाल और अवर अभियंता ब्रजेश पाल ने कटान रोकने के लिए कराए जा रहे कामों का जायजा लिया।
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हालांकि, परौर क्षेत्र में रामगंगा के कटान से प्रभावित गांवों में अभी इस तरह के बचाव कार्य शुरू नहीं किए जाने से किसान परेशान हैं। सिंचाई विभाग के दोनों अभियंताओं ने गांव में नदी से कटान वाले हिस्सों पर जाकर वहां ठोकर निर्माण की प्रगति जांची। साथ ही मंगलवार को हुई भारी बारिश से नदी में तेज बहाव को देखते ठेकेदार को ठोकरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
फिलहाल, नदी की धारा गांव के किनारे बसे लोगों के मकानों से महज कुछ मीटर के फासले पर बह रही है। पानी के तेज बहाव से गांव के संपर्क मार्ग के किनारे की मिट्टी लगातार कट रही है। इसलिए अभियंताओं ने ठेकेदार को गांव की आबादी और संपर्क मार्ग के पास प्राथमिकता से ठोकरें बनाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि ठोकरों का निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ तो कटान से गांव के कई घर नदी में समा जाएंगे।
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परौर क्षेत्र में दो माह तक रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित रहे तटीय गांवों के किसान एक दिन पहले हुई भारी वर्षा और तेज हवा चलने से खेतों में तैयार धान की फसल खेतों में गिर जाने से बेहद परेशान हैं।
मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर पश्चिमी, दहेलिया आदि गांवों में किनारे की उपजाऊ जमीनें तेज बहाव में कट रही हैं। ऐसे में बारिश बाढ़ प्रभावित किसानों पर आफत बनकर टूटी है। इन गांवों के राजीव सिंह, जयवीर सिंह, सुखपाल सिंह, राजपाल गुर्जर, शैलेंद्र सिंह चौहान आदि इस बात से नाराज हैं कि क्षेत्र में भूमि कटान रोकने को अभी तक कोई प्रयास शुरू नहीं हुए और न ही फसली नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। किसानाें ने बाढ़ से हुए भूमि कटान और फसली नुकसान का मुआवजा जल्द दिए जाने की मांग की है।

लेखपालों और कानूनगो के माध्यम से बाढ़ और भूमि कटान से हुई क्षति का आकलन करा लिया गया है। अब कंप्यूटर में फीडिंग का कार्य चल रहा है। यह काम पूरा होते ही संबंधित किसानाें के खातों में शासन के नियमानुसार बाढ़ और कटान से हुए जमीन व फसलों के नुकसान का मुआवजा भेजा जाएगा। -सृजित कुमार, तहसीलदार, कलान

मिर्जापुर में रामगंगा नदी के कटान से बचने के लिए लगाए जाते बंबू। स्रोत : जागरूक पाठक

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