जिले में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के मान्यता प्राप्त विद्यालय एक बार निर्धारित किए गए शिक्षण शुल्क में तीन साल तक कोई बढ़ोत्तरी नहीं कर सकेेंगे। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने डीएम के निर्देश पर सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को सर्कुलर जारी कर विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं।
बता दें कि सामाजिक संगठन जनता की आवाज के कार्यकर्ताओं ने अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षण शुल्क, प्रवेश शुल्क में बढ़ेत्तरी और यूनिफार्म तथा किताबों की खरीद में मनमानी के विरोध में पैदल मार्च करके प्रदर्शन किया था। संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए डीएम कर्ण सिंह चौहान ने बीएसए को इस बाबत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसी के अनुपालन में बीएसए ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि छात्रों से शिक्षण शुल्क और महंगाई शुल्क मिलाकर उतना मासिक शुल्क स्वीकार किया जाएगा जो शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कल्याणकारी योजना का अंशदान वहन करने के लिए पर्याप्त हो। इस मद से प्राप्त धनराशि वेतन भुगतान के बाद 20 प्रतिशत से अधिक बचत नहीं होनी चाहिए। तीन वर्ष बाद शिक्षण शुल्क में अधिकतम 10 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो सकेगी।
बीएसए के अनुसार विद्यालय शिक्षण, महंगाई, विकास, बिजली-पानी, पुस्तकालय, वाचनालय, विज्ञान, श्रव्य, क्रीड़ा, परीक्षा एवं मूल्यांकन, समारोह, कंप्यूटर, संगीत शिक्षा आदि मदों में शुल्क ले सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण, भवन, कैपिटेशन आदि मदों में कोई फीस विद्यार्थियों से नहीं ली जाएगी। सभी विद्यालय 25 प्रतिशत अलाभित समूह के गरीब विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा देंगे, लेकिन यह प्रतिबंध असहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों पर लागू नहीं होगा।
नि:स्वार्थ सेवा समिति ने एसडीएम को दिया ज्ञापन
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अभिभावकों के आर्थिक शोषण का मुद्दा लेकर निस्वार्थ सेवा समिति के कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर रामजी मिश्रा से मिले और उन्हें डीएम के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में सीबीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें प्रभावी किए जाने, स्कूलों में ड्रेस और किताबों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने, शिक्षकों को दिए जाने वाले वेतन भत्तों की जांच कर उनमें सुधार किए जाने आदि मांगें निहित हैं। शिष्टमंडल में देवेश ठाकुर, सुमित खन्ना, मोनू वाजपेयी, पवन गुप्ता, वैभव खन्ना, आलोक मिश्रा, अभय सेठ, शिवा सिंह, नितिन मिश्रा, अंकित सैनी, शिवम राजपूत, आशीष शर्मा, रिंकू वर्मा, विभू खन्ना आदि शामिल रहे।