पूरे कमरे का सामान व्यवस्थित
पुलिस ने वरुण की मौत के बाद पूरे कमरे की तलाशी ली। पुलिस को सब कुछ ठीक मिला है। उनका फोन भी मिला है, जिस पर पैटर्न लॉक लगा है। इसके चलते पुलिस उसे खोल नहीं सकी। उनके फोन की सीडीआर भी निकलवाने की तैयारी है। अंतिम बार किससे बात हुई, इसके आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि आत्महत्या की वजह पता चल सकेगी। फोन का पैटर्न लॉक खुलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रेम-प्रसंग के एंगल पर जांच कर रही पुलिस
पिता की मृत्यु के बाद उपनिरीक्षक की नौकरी पाने वाले वरुण सिंह ने पहली तैनाती सेहरामऊ दक्षिणी थाने में पाई थी। वहां करीब एक साल तक रहे थे। उसके बाद उनका तबादला परौर थाने में कर दिया गया। वरुण के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। भाई-बहन भी नहीं थे।
अविवाहित वरुण के आत्महत्या करने का कोई कारण प्रथमदृष्टया न मिलने पर पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच कर रही है। थाने में चर्चा है कि उनका किसी महिला सिपाही से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उससे अनबन के चलते ही उन्होंने यह कदम उठाया है। हालांकि, पुलिस अभी वजह स्पष्ट नहीं कर रही है।
एसपी देहात संजीव वाजपेयी ने बताया कि उपनिरीक्षक के परिवार में कोई नहीं है। उसकी मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल की सीडीआर निकाली जाएगी।