जेल रोड से सेठ एन्क्लेव तक चार घंटे चला काम
चार सौ घरों समेत कई कार्यालयों में गुल रही बत्ती
11 केवी बिजली लाइन के ऊपर से गुजरीं पेड़ की डालें टकराने से आए दिन होने वाले फाल्ट की समस्या खत्म करने के लिए पॉवर कारपोरेशन के बहादुरगंज सब स्टेशन प्रभारी ने बुधवार को कचहरी फीडर पर सुबह से दोेपहर तक सप्लाई बंद कराकर पेड़ों की छटनी कराई। जेल रोड पर इस्लामियां कालेज तिराहा से लेकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के सामने स्थित सेठ एन्क्लेव तक यह काम कराए जाने से इलाके में करीब चार घंटे बिजली सप्लाई बंद रही।
बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र से निकली कचहरी फीडर की लाइन लोहिया कालोनी और इस्लामियां कालेज तिराहा से होकर जेल रोड से सेठ एन्क्लेव तक जाती है। इसी लाइन से कलक्ट्रेट और विकास भवन के तमाम सरकारी कार्यालयों को बिजली मिलती है। जेल रोड के किनारे खड़े पुराने भारी-भरकम पेड़ोें के नीचे से निकली यह लाइन अक्सर तेज हवा में डालें टकराने से शार्ट सर्किट के शिकंजे में आ जाती है।
बीते दिन सुबह से शीतलहर के तेज झोंके चलने से खिरनीबाग चौराहे के पास पेड़ की डालेें लाइन के तारों से टकराईं। इससे तार आपस में उलझ गए और शार्ट सर्किट से सप्लाई बंद हो गई। चूंकि, इन दिनों प्रशासन स्तर पर विधानसभा चुनाव की तैयारियां चरम पर पहुंच गई हैं और रोजाना प्रशासनिक बैठकें हो रही हैं। इसलिए बिजली गुल होने पर सरकारी कार्यालयों में निर्वाचन कार्य भी प्रभावित हुआ।
इसे देखते अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार से लाइन के ऊपर से निकलीं पेड़ की डालों को हटाने का काम शुरू करा दिया गया। सुबह आठ बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक यह काम जारी रहने से विकास भवन और कलक्ट्रेट के दफ्तरों समेत इंदिरानगर आंशिक समेत सेठ एन्क्लेव के करीब चार सौ घरों की बत्ती गुल रही। बहादुरगंज उप केंद्र के प्रभारी अवर अभियंता शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि कचहरी फीडर की लाइन से पेड़ की डालें हटाने का काम आगे भी जारी रखा जाएगा।
सप्लाई चालू होने पर फेल हुई 33 केवी लाइन
कचहरी फीडर की लाइन में आड़े आ रहे पेड़ों की काट-छांट कराए जाने के बाद इलाके मेें बिजली सप्लाई शुरू की गई, लेकिन कुछ देर बाद ही एमईएस के पास पेड़ की डाल टकराने से गोविंदगंज की 33 केवी लाइन फेल हो गई। हालांकि, यह फाल्ट आधा घंटे के अंदर ठीक कर लिया गया, लेकिन इस खराबी के कारण कचहरी फीडर से जुड़े इलाकों में रहने वालों को दोपहर बाद भी बिजली संकट का सामना करना पड़ा।