शाहजहांपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा है कि उद्योगों के साथ बैंक शाखाएं सूदखोरों से भी बदतर बर्ताव कर रही हैं। आईआईए के दोबारा अध्यक्ष चुने जाने पर उन्होंने शुक्रवार को एक होटल में लघु उद्यमियों के साथ बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से कहा कि प्रदेश की सत्ता में दोबारा आई योगी सरकार की उद्योगों के प्रति नीयत साफ है, लेकिन बैंक शाखाएं और नौकरशाही उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश की तरक्की का वाहक माने जाने वाले उद्योगों की प्रगति में बैंकों से मिलने वाली वित्तीय सहायता की अहम भूमिका होती है। प्रदेश में वित्त निगम की सक्रियता से उद्योग तेजी से पनपे, लेकिन जब से वित्त निगम निष्क्रिय हुआ, उद्योगों की बैंकों पर निर्भरता बढ़ गई है। लेकिन कुछ बैंकों का रवैया नहीं बदल रहा।
एमएसएमई (लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग) क्षेत्र की बैंकों से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई के लिए उद्यमियों के पास कोई मंच नहीं है। बैंकों पर नियंत्रण रखने वाली भारतीय रिजर्व बैंक भी शिकायत करने पर उद्यमियों के बजाय बैंकों का हित साधती है। आईआईए अध्यक्ष ने कहा कि कार के लिए ऋण पांच प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध है, लेकिन उद्योगों को ऋण के बदले दस प्रतिशत ब्याज देना पड़ रहा है।
उद्योगों के संचालन में बिजली की भूमिका भी अहम है, लेकिन किसानों को मुफ़्त बिजली देकर औद्योगिक बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं। यही नहीं, उद्योगों में बनने वाली बिजली खरीदने के बजाय सरकार उद्योगों से उच्चतम दरों पर न्यूनतम खपत के आधार पर बिजली राजस्व वसूल रही है।
उद्यमियों ने नव निर्वाचित अध्यक्ष का किया अभिनंदन
बैठक से पूर्व आईआईए के पूर्व जिलाध्यक्षों समेत अन्य पदाधिकारियों ने दोबारा निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए अशोक अग्रवाल का फूलमालाओं से अभिनंदन किया। संस्था के जिलाध्यक्ष शुभम खन्ना की अध्यक्षता और सचिव रोहित गोयल के संचालन में हुए कार्यक्रम में अभिनव ओमर, विवेक अग्रवाल, कृष्ण कुमार गर्ग, गुरजीत सिंह मोंगा, हेमंत रोहरा, अशोक खन्ना, हरी किशोर गुप्ता, प्रकाश कलानी, किशन गर्ग, सुरेश सिंघल, सुमन चंद्र गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, किशन गोयल, विनम्र अग्रवाल अंकित गुप्ता, शशांक गुप्ता, अश्विनी विज, अभय सिंह, सर्वेश सचान आदि उद्यमी उपस्थित रहे।