कोटेदार मनोज कुमार का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
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खुटार। सर्पदंश के बाद परिजन कोटेदार का घर पर देशी दवा से उपचार करते रहे। समय से उपचार नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई।
गांव हिटौटा के कोटेदार मनोज कुमार गांव रसवां कलां के पास एक ईंट भट्ठे पर भी काम करने जाते थे। सोमवार शाम को वह भट्ठे पर काम करने गए थे। काम करने के बाद वह भट्ठे पर बने चबूतरे पर सो गए। रात लगभग 11 बजे उनके पैर में सांप ने डस लिया। पत्नी राजेश्वरी देवी ने बताया कि पति ने रात में ही घर पहुंचकर पैर में सांप के दंश मारने की बात बताई।
परिजनों ने घर में ही देशी उपचार किया लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर कोटेदार को बंडा के गांव सुनासिर में वैद्य के पास ले जाया गया। वैद्य ने मनोज को सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। रात लगभग ढाई बजे परिजन मनोज को लेकर खुटार सीएचसी पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मनोज को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत से पत्नी राजेश्वरी देवी, पुत्र और पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है। कार्यवाहक थाना प्रभारी सुभाषचंद्र ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।