गर्मी के साथ डायरिया का प्रकोप भी बढ़ा है। जिला अस्पताल में रोज डायरिया के दर्जनों मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। इस बीमारी की खास वजह दूषित पानी, खानपान में लापरवाही और शरीर में पानी की कमी है। मरीजाें की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल का वार्ड फुल है। मरीज को भर्ती करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। पारा चालीस डिग्री से ऊपर चढ़ने के कारण लोग गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। इसकी मार से लोग डायरिया का शिकार होने लगे हैं। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में रोज 80 से 90 मरीजों को भर्ती किया जाता है, जसमें 40 से 50 मरीज डायरिया के होते हैं। मरीजों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। मरीजों को भर्ती करने के बेड के लिए मारा-मारी हो रही है। डायरिया का असर बच्चों पर अधिक हो रहा है।
ऐसे करें डायरिया से बचाव
1. दूषित पानी का सेवन न करें।
2. बासी भोजन का सेवन नहीं करें।
3. तेज धूप में घर से बाहर न निकलें।
4. बाहर की चीजें खाने से परहेज करें।
5. सड़े कटे फल न खाएं।
6. दूषित आइसक्रीम का सेवन न करें।
7. पानी का लगातार सेवन करते रहें।
8. ओआरएस का घोल पीते रहें।
गर्मी बढ़ने के वजह से अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इमरजेंसी में डॉक्टरों को सतर्क कर दिया गया। ऐसे ही मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत है।
डॉ. केशव स्वामी
- डायरिया की शिकायत होते ही अधिक से अधिक साफ पानी और ओआरएस को घोल पिए। हल्के तरल पदार्थों का सेवन करें। तेज धूप से बचे और ज्यादा परेशानी होने मरीज को सीधे अस्पताल में दिखाएं।
- डॉ. एमएल अग्रवाल, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल