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अटसलिया क्रॉसिंग-हथौड़ा मार्ग: अधूरा निर्माण, धूल धक्कड़ ने किया परेशान

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शाहजहांपुर। महानगर के सुभाष स्क्वायर (हथौड़ा चौराहा) से लेकर अटसलिया रेलवे क्रॉसिंग तक मार्ग चौड़ीकरण का काम ठेकेदार की लापरवाही से उधर से गुजरने वाले राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराए जाने से जो हिस्से अधूरे पड़े हैं, वहां वाहनों के निकलने से उड़ रही धूल से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ आसपास के लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। सोमवार शाम वहां से पोल हटाए जाने के बाद ठेकेदार ने डंपर से रोड के हिस्से को घेरते हुए वहां मौरंग और पत्थर की गिट्टी आदि निर्माण सामग्री के ढेर लगा दिए, जबकि वहां पर निकलने के लिए सिर्फ एक लेन है।
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अटसलिया रेलवे क्रॉसिंग से जीआईसी तिराहा तक 3.95 किमी लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण कर उसे फोरलेन बनाने के लिए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दो वर्ष पहले राज्य योजना से 21.95 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत कराया था। उन्होंने जिस दिन इस मार्ग का भूमि पूजन किया, उसी दिन लोनिवि की कार्यदायी संस्था गाजियाबाद स्थित मेसर्स मायाशील कांस्ट्रक्शंस के ठेकेदार ने अटसलिया मार्ग के फुटपाथ की जेसीबी से खोदाई शुरू करा दी। तब से इस मार्ग के दोनों फुटपाथों को समतल करने के लिए जगह-जगह पत्थर की रोड़ी और मिट्टी के ढेर लगा दिए गए हैं, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका, जबकि मार्ग गत वर्ष 30 जून तक इसको बनकर तैयार होना था। अब फुटपाथों पर पड़ी निर्माण सामग्री उड़ने से लोग परेशान हैं। खास यह है कि इस मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन समतल हुए फुटपाथों पर बजरी-कोलतार के लेपन का काम रुका हुआ है।
नवनिर्मित लेन को मलबा डालकर किया बंद
अटसलिया रेलवे फाटक की ओर से हथौड़ा की ओर बढ़ने पर समतलीकरण के लिए खोदे गए फुटपाथ के हिस्से से दो दिन पहले हटाए गए बिजली के पोल को ठेकेदार के कर्मचारियों ने मौके पर ही छोड़ दिया। यही नहीं, मजदूरों ने पोल को किनारे रखने के बजाय रोड पर तिरछा डाल दिया। इस कारण सुबह के वक्त जो लोग उधर से निकले, रात मे लौटते वक्त असावधानी के चलते उनकी बाइकेेें पोल से टकराकर गिर गईं और कई लोग चुटैल हो गए। दुर्घटनाएं होती देख रात में राहगीरों ने पोल हटाकर रोड के किनारे रखवा दिया, लेकिन बाद में वहां से करीब सौ मीटर फासले पर नवनिर्मित लेन पर ठेकेदार ने यातायात बंद करने की गरज से बजरी-कोलतार का मलबा एकत्र करा दिया, जबकि वही लेन चलने लायक है। मंगलवार को तड़के धुंध छाई होने के दौरान उधर से गुजरे दो बाइक सवार वहां गिरे तो उनको चोटें आ गईं।
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मौसम में बदलाव और प्रदूषण से बीमारियों का बढ़ा खतरा
इन दिनों कड़क धूप खिलने से दिन में गर्मी बढ़ रही है और रात में आर्द्रता की अधिकता से नम हवा सर्दी पैदा कर रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ते प्रदूषण से तमाम बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बुधवार को लगातार चौथे दिन उमस के कारण दिन में अधिकतम तापमान 0.3 डिग्री बढ़कर 28.5 डिग्री सेल्सियस हो गया जबकि रात में न्यूनतम तापमान भी 1.2 डिग्री बढ़कर 11.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि ऐसा मौसम बच्चों और बुजुर्गों समेत उन सभी लोगों की सेहत को खराब कर सकता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है अथवा जो पहले से हृदय रोग, रक्त चाप, एलर्जी आदि समस्याओं से परेशान हैं। दिन में शुष्क हवा से हो रहा वायु प्रदूषण वायरल बीमारियों के संक्रमण को बढ़ा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि दोपहर मेें घर लौटने पर पसीना सुखाने को पंखा चलाने की भूल नहीं करें और शाम को देर से घर वापसी करने वाले लोग गर्म कपड़े साथ रखकर ले जाएं। डॉ. अग्रवाल के अनुसार इन दिनों विभिन्न प्रजातियों के खिल रहे फूल एलर्जी की समस्या बढ़ा सकते हैं। इसलिए एलर्जी से परेशान लोग मास्क लगाकर ही बाहर निकलें और धूल-मिट्टी समेत फूलों से दूरी बनाए रखें।
लोगों की बात
जहां फुटपाथ पर पत्थर के रोड़े डालकर रोलर से मिट्टी दबाई जा चुकी है, वहां बजरी-कोलतार पड़ने से प्रदूषण की समस्या खत्म होने के साथ वाहनों का आवागमन सुगम हो जाएगा। कई जगह बेवजह काम रुका है। - विक्की, टेंट हाउस संचालक, हथौड़ा
तीन साल से रोड पर कछुआ चाल से काम हो रहा है। ठेकेदार के कर्मचारी जब जहां चाहे मिट्टी, मलबा गिरा देते हैं। रात में उधर से निकलने पर लोग गिर जाते हैं, लेकिन किसी को परवाह नहीं। - शाहनवाज, दिहाड़ी मजदूर, हथौड़ा
डिवाइडर बाद में बनाए जाते तो अब तक सड़क निर्माण पूरा हो गया होता। जगह-जगह निर्माण सामग्री के ढेर लगे हैं और वहां से वाहन निकलने पर धूल-मिट्टी उड़कर दुकान तक आती है। - बबलू, परचून विक्रेता, हथौड़ा
हथौड़ा से अटसलिया तक डिवाइडर बनने के बाद एक तरफ की नई लेन बनाई गई, लेकिन उस पर महीन बजरी और कोलतार की परत बिछने से पहले ही लोगों ने उस पर वाहन दौड़ाने शुरू कर दिए। वाहनों के दबाव से निर्माणाधीन लेन उखड़ने से बचाने को वहां अवरोधक के तौर पर मलबा डाला गया है। ठेकेदार को वहां रूट डायवर्जन का संकेतक लगाने और धूल-मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए टैंकर से रोड के निर्माणाधीन हिस्से पर रोजाना पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं। - ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड)
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