केंद्र प्रभारी शासन की आंखों में धूल झोंककर गेहूं माफिया के साथ मिलकर धांधली कर रहे हैं। 24 अप्रैल तक धनेली केंद्र पर न तो कांटा था और न ही वारदाना। फिर भी केंद्र प्रभारी ने हजारों क्विंटल गेहूं खरीद अधिकारियों को दर्शायी है। यह आरोप किसानों ने लगाते हुए शिकायत की है।
गांव धनेली में किसानों द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर एक राइस मिल में हजारों क्विंटल गेहूं के भंडारण का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी। इसे अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। एसडीएम की कड़ी फटकार के बाद केंद्र प्रभारी ने बैनर टांग कर केंद्र चालू होने की सूचना दे दी। जब किसान केंद्र पर पहुंचे तो न तो वहां कांटा, बांट, चलना, वारदाना तथा केंद्र प्रभारी तक मौजूद नहीं थे। ठेकेदार रोहित से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जता दी। किसानों को वारदाना और कांटा आने पर गेहूं लाने को कहकर टरका दिया गया। किसानों ने जब अधिकारियों को इसकी जानकारी दी तो केंद्र प्रभारी व्यास चौबे ने ढाई क्विंटल गेहूं खरीदने की बात बताई। उधर, लगभग दो बजे रिक्शे पर इलेक्ट्रानिक कांटा और अन्य सामान ले जाते हुए रिक्शा चालक गेहूं क्रय केंद्र धनेली को ढूंढते हुए हाईवे पर देखा गया।
- केंद्र प्रभारियों को शासन के निर्देशानुसार गेहूं खरीद के निर्देश दिये गये हैं। पालन न होने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।
- पदम सिंह, एसडीएम, तिलहर