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ग्रीष्मावकाश में एमडीएम बना जी का जंजाल

Tue, 24 May 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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शासन के निर्देश पर ग्रीष्मावकाश में कक्षा आठ तक के बच्चों को मिड-डे मील के वितरण का फरमान शिक्षकों के साथ रसोइयों और प्रधानों के लिए भी जी का जंजाल बन गया है। मंगलवार को भी तमाम स्कूलों में बच्चे दोपहर का भोजन करने नहीं पहुंचे। यह अलग बात है कि शासनादेश के अनुपालन में शिक्षक, शिक्षिकाएं रसोइयों और प्रधानों के साथ स्कूल में डटे रहे। वहीं, कुछ स्कूलों में गिने-चुने बच्चे ही मध्याह्न भोजन के लिए स्कूल तक पहुंच पाए। इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ की नगर इकाई ने डीएम को स्कूलों की स्थिति और शिक्षकों की परेशानी से अवगत कराते हुए नगर के विद्यालयों को एमडीएम से मुक्त रखने की मांग की है। भावलखेड़ा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शासन के निर्देशानुसार रसोइया और एसएमसी सदस्य बच्चों की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भोजन के लिए आए ही नहीं। प्रधान अध्यापिका गीता शुक्ला ने बताया कि गांव में एमडीएम वितरण की सूचना दी गई, इसके बावजूद बच्चे नहीं आए। इसी तरह अन्य स्कूलों में भी प्रधान, रसोइया और शिक्षक बच्चों का इंतजार करते रहे, लेकिन एमडीएम के लिए चूल्हे नहीं जल सके। कुछ स्कूलों में बच्चों की संख्या नगण्य रही। बच्चों की संख्या अपेक्षानुरूप नहीं होने के बावजूद इन स्कूलों में खाना बनवाया गया। कुछ मिलाकर ग्रीष्मावकाश में एमडीएम वितरण शिक्षकों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है।
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नगर को एमडीएम मुक्त रखने को डीएम से मिले शिक्षक
शाहजहांपुर। प्राथमिक शिक्षक संघ की नगर इकाई ने डीएम को पत्र भेजकर नगर के स्कूलों में संचालित मिड-डे मील की वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए नगरीय स्कूलों को इससे मुक्त रखने की मांग की है। नगराध्यक्ष इमरान सईद खां ने डीएम को भेजे पत्र में बताया कि शासनादेश और विभागीय निर्देश पर नगर क्षेत्र के स्कूल खोले जा रहे हैं, लेकिन एमडीएम के लिए बच्चे ही नहीं पहुंच रहे हैं। इसलिए नगर क्षेत्र के स्कूलों को ग्रीष्मावकाश में एमडीएम वितरण से मुक्त किया जाए। डीएम से मिलने वालों में संजय डोनाल्ड, सुबोध वर्मा, अतहर कादरी, मो. लतीफ, कामिल, सीमा आहूजा, पूजा सिंह, सरदार अहमद, मुख्तार अहमद, रामासरे, आदिल, अंजुम, सुनीता, हसीब आदि शिक्षक शामिल रहे।

30 जून तक बंटेगा एमडीएम, प्रधानाध्यापक अपनी जिम्मेदारी निभाएं
शाहजहांपुर। ग्रीष्मावकाश में मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित बैठक लेते हुए डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज अध्यापकों को निर्देश दिया कि एमडीएम योजना के संचालन में अपनी-अपनी भूमिका का निष्पादन पूरे मनोयोग से करें। किसी कारणवश किसी दिन प्रधानाध्यापक विद्यालय जाने में असमर्थ हों तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करें ताकि उस दिन भोजन वितरण कराने हेतु कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि इस 20 मई को जारी शासनादेश में अपने जनपद के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को 30 जून तक एमडीएम का लाभ दिया जायेगा। प्रात: नौ से 11 बजे के मध्य ग्रीष्मावकाश होने पर भी विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। इसके वितरण का उत्तरदायित्व उन्हीं व्यक्तियों या संस्थाओं का होगा जिनके द्वारा सामान्य कार्यदिवसों में योजना से आच्छादित विद्यालय में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराकर वितरित कराया जाता रहा है। इस संबंधी लेखा-जोखा विद्यालयों में उपलब्ध एमडीएम रजिस्टर में अंकित होगा। एमडीएम निधि खाते का संचालन संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किये जाने की व्यवस्था होगी।
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