मांगें, ज्ञापन, शिकायत, धरना-प्रदर्शन, हंगामा करने के बाद आखिरकार दूसरे बैच के प्रशिक्षित शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र वितरित होना शुरू हो गए। इससे अवकाश के दिनों में भी प्रशिक्षु शिक्षकों ने बीआरसी में पहुंचकर नियुक्ति पत्र प्राप्त किए। नियुक्ति पत्र पाकर शिक्षामित्रों के चेहरे पर खुशी के आंसू ढुलक आए। बृहस्पतिवार को दिन भर नियुक्ति पत्र वितरित होने के बारे में शिक्षामित्र संगठनों की ओर से व्हाट्स एप्प पर बनाए ग्रुपों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता रहा।
नियुक्ति पत्र पाने के लिए शिक्षामित्रों ने सुबह से ही ब्लाकों पर पहुंचना शुरू कर दिया। 10 बजे तक अधिकांश बीआरसी पर शिक्षामित्रों की खासी भीड़ जमा हो गई थी। दूसरे बैच के शेष बचे 1529 शिक्षामित्रों के नियुक्ति पत्र बीएसए ने सुबह 10 बजे तक खंड शिक्षा अधिकारियों को दे दिए। इससे जिला मुख्यालय के नजदीक वाले ब्लाकों में करीब 12 बजे से नियुक्ति पत्रों का वितरण शुरू हो गया था। इससे तमाम शिक्षामित्रों ने तो अवकाश होने के बावजूद भी प्रधानाध्यापक और एनपीआरसी को बुलाकर ज्वाइन कर लिया। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ और प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारी भी ब्लाक कार्यालयों में जमा रहे और खंड शिक्षा अधिकारियों से नियुक्ति पत्र लेकर शिक्षामित्रों को वितरित करने में सहयोग किया।
शिक्षामित्र संघ ने जताया आभार
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित, प्रदेश प्रभारी श्यामलाल यादव, वेद वर्मा, रामपूत पाल, सचिन मिश्रा, विक्रांत मिश्रा, मिथिलेश यादव, सिकंदर खां, रुचि सिंह, ऊषा मिश्रा आदि ने प्रदेश सरकार का आभार जताया। कहा कि संघ के प्रयासों से प्रदेश सरकार ने उन लोगों को शिक्षक बनाया है, इसके लिए संघ उनका आभार व्यक्त करता है।
दूरदराज ब्लाक मिलने पर छाई उदासी
दूसरे बैच के शिक्षामित्रों को शिक्षक पदों पर समायोजित होने पर खुशी के साथ ही दिक्कत भी है। अधिकांश शिक्षामित्रों को उनके मूल ब्लाकों से हटकर दूरदराज ब्लाकों में तैनाती मिली है। इससे तमाम शिक्षामित्रों को करीब 50 से 70 किलोमीटर की दूरी तय करके विद्यालय में जाना होगा। इससे शिक्षामित्र काफी परेशान नजर आए।