मुख्यमंत्री के पार्टी से निष्कासन पर हतप्रभ सपा कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री के सम्मेलन में शामिल होने गए तनवीर खां
उम्मीदवारी को लेकर प्रत्याशियों में बढ़ा असमंजस
टिकटों के बटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी में मचे घमासान से पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है। आखिर किधर जाएं। शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पार्टी से छह वर्ष के निष्कासन की खबर ने तो सबको चौका दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के समर्थन में नगरपालिका परिषद के चेयरमैन तनवीर खां ने पार्टी जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और सीएम से मिलने लखनऊ रवाना हो गए।
शुक्रवार को देर शाम सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने पद त्याग की घोषणा करते हुए कहा कि सपा मुखिया को कुछ लोगों ने गुमराह करके मुख्यमंत्री अखिलेश के विरुद्ध अन्यायपूर्ण कार्यवाही के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश जैसा नेता अन्य किसी भी राज्य में नहीं है। हक की लड़ाई में यदि मुख्यमंत्री को पार्टी से बाहर कर दिया गया तो उनका भी पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव पंकज वर्मा सराफ ने मुख्यमंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व के बजाय मुख्यमंत्री के आदेश का पालन करते हुए उनके सम्मेलन में शामिल होंगे।
पार्टी दफ्तर में घंटों पसरा रहा सन्नाटा
मुखिया के घर की उठापटक से पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी निराशा है। शुक्रवार को बिजलीपुरा मोहल्ले में जेल रोड पर स्थित सपा दफ्तर पर सन्नाटा छाया रहा। पूछने पर बताया गया कि कार्यालय प्रभारी हफीज अहमद अंसारी यहीं कहीं होंगे। मीटिंग हाल में कुर्सियां एक ओर सिमटी रखी थीं। लेकिन इस सन्नाटे को हफीज अंसारी ने इत्तेफाक बताया। उन्होंने शुक्रवार नमाज के दिन का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह सर्दी ज्यादा होने से कार्यकर्ता घरों से देर से निकल रहे हैं। बोले कि दिन में लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष अनुज यादव कुछ कार्यकर्ताओं के साथ आए। बाद में शिक्षक नेता श्याम लाल यादव आदि के साथ शहर, ददरौल, भावलखेड़ा आदि से 20-25 कार्यकर्ता आए। इससे जाहिर हुआ कि उठापटक के जानकारी करने को आए। लेकिन निराश होकर लौट गए।
चाचा-भतीजे का भाजपा में स्वागत
विनाशकाले विपरीत बुद्धि। विकास के नाम पर जो लूटखसोट हुई थी, उसी के बंटवारे को लेकर परिवार में घमासान मचा हुआ है। बीच-बीच में इंटरवल जरूर हुए, लेकिन पैसों के लालच में कहानी बन नहीं पा रही थी। पार्टी से निष्कासित चचा-भतीजे का भाजपा में स्वागत है।
राकेश कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
सपा का भविष्य खत्म
विकास के नाम पर जो रुपया था, लोग उसी के बंटवारे को लेकर आपस में झगड़ने लगे और प्रदेश के लिए कुछ भी नहीं किया। अब सपा का राजनीतिक भविष्य खत्म हो जाएगा। सपा सिर्फ गुंडागर्दी वाली पार्टी रही है। इस बार आपस में ही भिड़ गए।
उदयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी
दुर्भाग्य की बात
यह सपा परिवार का नितांत अंदरूनी मामला है और इस पर कोई टिप्पणी देना अनुचित होगा। दुर्भाग्य की बात है कि कुछ लोग सपा की पारिवारिक कलह पर टीका टिप्पणी से बाज नहीं आ रहे। गठबंधन के बारे में नेतृत्व निर्णय करेगा, लेकिन प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी।
-कौशल मिश्रा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस