रोजा (शाहजहांपुर)। सूदखोरों व कर्ज से परेशान दुर्गा एन्कलेव कॉलोनी निवासी हैंडलूम कारोबारी सचिन ग्रोवर (36 वर्ष) और पत्नी शिवांगी (34 वर्ष) ने चार साल के बेटे को जहर खिलाने के बाद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। बेटे की भी मौत हो गई। कारोबारी के फोन में 13 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें ब्याज पर लिए गए कर्ज के अलावा अन्य देनदारियों का भी जिक्र है।
शहर के मोहनगंज में संकट मोचन मंदिर के पास स्थित पानीपत हैंडलूम शोरूम के संचालक सचिन ग्रोवर पत्नी व बेटे फतेह के साथ अपने मकान में दूसरी मंजिल पर रहते थे। भूतल पर रहने वाले बड़े भाई रोहित की पत्नी ज्योति से सचिन मंगलवार रात करीब 11:30 बजे मोबाइल फोन का चार्जर मांगने नीचे आए थे। उसके बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। बुधवार को मोहित के नौ महीने के बेटे का नामकरण संस्कार कार्यक्रम गुरुद्वारे में था। उसमें शामिल होने के लिए सभी को जाना था।
सुबह आठ बजे तक सचिन के नीचे नहीं आने पर मकान में साथ रहने वाली मां सीमा ने आवाज लगाई। कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर वह ऊपर पहुंचीं। अंदर झांककर देखा तो दृश्य देखकर चीख पड़ीं। शिवांगी का शव रस्सी के फंदे से लटका हुआ था। वहीं बेड पर फतेह का शव पड़ा था। ऊपर से कंबल डाला गया था। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे।
दूसरे कमरे में सचिन का शव लटक रहा था। इसके बाद भाभी ज्योति ने शोर मचाया। तब कॉलोनी के लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर रोजा थाने की पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को 13 पेज का सुसाइड नोट सचिन के मोबाइल में मिला है। इसमें आर्थिक तंगी और लोगों की देनदारी का जिक्र है।
सचिन की सास संध्या मिश्रा ने आरोप लगाया कि जिला उद्योग केंद्र से स्वीकृत ऋण के अनुदान के नाम पर दामाद को परेशान किया जा रहा था। कहा, 17 लाख के अनुदान में से आधी धनराशि की मांग की जा रही थी। भाई गौरव ग्रोवर ने शहर के चार लोगों पर दो लाख के कर्ज पर प्रतिदिन दो हजार रुपये ब्याज की वसूली का आरोप लगाया। बताया कि सूदखोराें ने बाइक और कार भी सचिन से जबरन ले ली थीं। एसपी राजेश द्विवेदी, एसपी सिटी देवेंद्र सिंह व सीओ सदर प्रयांक जैन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मामले में सुसाइड नोट प्राप्त हुआ है। इसमें आर्थिक तंगी की बात सामने आई है। दंपती मानसिक रूप से परेशान थे। परिजनों की ओर से तहरीर आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।- राजेश द्विवेदी, एसपी
बेटे फतेह को चॉकलेट में दिया जहर
कर्जदारों के चंगुल में फंसकर सचिन ग्रोवर पूरी तरह से टूट गए थे। हालात से पता चल रहा है कि उन्होंने खुदकुशी करने का फैसला पहले ही कर लिया था। दंपती के गले में जो रस्सियां मिलीं, वे नई हैं। इससे लगता है कि वह इन्हें खरीदकर लाए थे। भाई गौरव ग्रोवर के अनुसार, उन्हें नहीं पता कि रस्सी घर में कब आई। फतेह रात आठ बजे घर के सामने से चॉकलेट लाया था। परिवार के नजदीकी लोगों का मानना है कि फतेह को चॉकलेट के ऊपर जहर लगाकर दिया गया। खाते समय उसे उल्टी भी हुई। एक बार उसने बाथरूम व दूसरी बार बेड पर उल्टी की। बच्चे की मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम के वक्त विसरा सुरक्षित कर लिया गया। वहीं सचिन व शिवांगी की मौत फंदे से लटकने से होना बताया गया है। शाम को उनके शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सचिन ग्रोवर व शिवांगी ग्रोवर का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन