श्ुाक्रवार को रोजा यार्ड में हुए डिरेलमेंट की रिपोर्ट मुरादाबाद मंडल को भेज दी गई है। इसमें जांच कमेटी ने रोजा के पीडब्ल्यूआई स्टाफ को ही दोषी ठहराया है। अधिकारियों के मुताबिक रेलवे लाइन के बीच में गिट्टी अधिक डाल दी गई थी।
शुक्रवार की शाम रोजा के डाउनयार्ड की लाइन संख्या 27 पर पत्थरों का ढेर लगा होने की वजह से मालगाड़ी के इंजन के दो पहिए डिरेल हो गए। सूचना मिलने पर रेलवे के विभागीय अधिकारियों ने गाड़ी को सही लाइन पर लाया गया था। इसके बाद शनिवार को स्टेशन अधीक्षक एमयू खान, एसएसई सिग्नल एसके राव, एसएलई प्रेमकुमार, एसएसई रेल पथ हरगोविंद ने संयुक्त रिपोर्ट तैयार की।
इसमें इंजीनियरिंग विभाग को दोषी माना गया। साथ ही रिपोर्ट मुरादाबाद मंडल के लिए भेज दी गई। रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया कि रेलवे लाइन के बीच में बैलॉस (पत्थर) जरूरत से अधिक डाल रखा था। साथ ही इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को सूचना भी नहीं दी गई है। इसी वजह से डिरेलमेंट होने जैसी घटना हुई।