क्षेत्र के गांव जिरायु में फसल बर्बाद होने से परेशान किसान 38 वर्षीय मदनपाल की हार्टअटैक से मौत के मामले में शनिवार को राजस्व टीम ने उनके घर पर पहुंची। टीम ने नष्ट फसल का मुआयना किया और परिवार के लोगों के बयान लेकर मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। मदनपाल की मौत की खबर को अमर उजाला ने दो मार्च के अंक में प्रमुखता से छापा था।
गांव जिरायु निवासी सोनपाल के बेटे मदनपाल के पास चार एकड़ जमीन है। इसके साथ ही उन्होंने गांव के लोगों की छह एकड़ जमीन पटके पर लेकर गेहूं की फसल र्बोई थी। मदनपाल ने फसल के लिए बैंक और सूदखारों से कर्जा भी लिया था। बारिश में मदनपाल की सारी फसल बर्बाद हो गई। इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर सके और दो मार्च को उनकी हार्टअटैक से मौत हो गई थी। परिवार वालों की सूचना देने के बाद भी राजस्व विभाग की टीम मदनपाल के गांव नहीं पहुंची थी। इसके बाद परिवार वालों ने उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को कानूनगो बाबू सिंह कुशवाहा और लेखपाल राजेंद्र सिंह यादव मदनपाल के गांव पहुंचे। दोनों ने मदनपाल की नष्ट फसल का मुआयना किया। इसके साथ ही ग्रामीणों और परिवार वालों के बयान लिए। मदनपाल की पत्नी अनीता का परिवारिक योजना लाभ का फार्म भी भरवाया गया। इसके साथ ही टीम ने भरोसा दिलाया कि अपनी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज देंगे। जिससे उनके परिवार वालों सरकार की तरफ से मुआवजा मिल सके।