रामपुर में वाल्मीकि समुदाय के लोगों को धर्मांतरण कर मुसलमान बनने को बाध्य करने के मामले में शिवसेना कार्यकर्ता प्रदर्शन की घोषित तिथि से एक दिन पहले शुक्रवार को ही सड़क पर उतर आए। उन्होंने कलक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी कर कैबिनेट मंत्री आजम खां के पुतले को आग लगाई तो पुलिस भी हरकत में आ गई। सदर थाने के एक दरोगा ने जलता पुतला छीनकर आग बुझाई और प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे नगर प्रमुख को हड़काया। इसे लेकर शिव सैनिकों की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई।
बता दें कि दो गुटों में बंटी शिवसेना की जिला इकाई में सुरेश राठौर और सत्यपाल मिश्र के बीच जिला प्रमुख समेत अन्य अहम पदों को लेकर रार सार्वजनिक हो चुकी है। सत्यपाल गुट में खुद को नगर प्रमुख बताने वाले अमन नैयर ने बीते दिन प्रशासन को पत्र देकर वाल्मीकियों के धर्मांतरण और कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के विरोध में शनिवार को प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इस ऐलान पर स्थानीय अभिसूचना इकाई ने भी भरोसा किया क्योंकि शासन ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर अवकाश की घोषणा कर दी थी।
इसके विपरीत अपना पलड़ा भारी रखने के लिए अमन नैयर कार्यकर्ताओं के साथ पुतला लेकर कलक्ट्रेट की ओर बढ़ चले। सूचना पाकर सदर थाना पुलिस और एलआईयू के अधिकारी कलक्ट्रेट की ओर भागे। शिवसैनिकों ने छुट्टी की वजह से सन्नाटे में डूबे कलक्ट्रेट कैंपस में दाखिल होने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें बाहर खदेड़ दिया। इस पर शिव सैनिकों कलक्ट्रेट गेट पर पुतले को आग लगा दी। पुतला जलते देख पुलिस के तन-बदन में भी आग लग गई।
सदर थाने के एक दरोगा ने आगे बढ़कर शिव सैनिकों से जलता पुतला छीन लिया और उस पर पानी डालकर आग बुझा दी। इस बात को लेकर शिव सैनिकों की पुलिस से कहासुनी होने लगी। इस पर दरोगा और एलआईयू के अधिकारी ने कार्यकर्ताओं के साथ आए अमन नैयर को आड़े हाथों लेते हुए भविष्य में घोषणा के विपरीत प्रदर्शन करने पर हड़काया और र्कारवाई की चेतावनी देकर वहां से हटा दिया। प्रदर्शन में रूम सिंह, हरिओम, राजवीर, दीनदयाल, श्याम पाल सिंह, दिनेश कश्यप, मोहित श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।