शाहजहांपुर। पंजाबी महासभा के पदाधिकारियाें ने मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए लावारिस करीब 100 अस्थि कलशों को श्रद्धा, सम्मान और विधि-विधान के साथ फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर विसर्जित किया।
महासभा के पदाधिकारी गर्रा और खन्नौत मोक्षधाम से अस्थियों के कलश लेकर बस से फर्रुखाबाद रवाना हुए। पांचाल घाट पहुंचने के बाद पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद विधि-विधान से अस्थि कलशों का विसर्जन कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस मौके पर किशन लाल छाबड़ा, विनय चड्ढा, लाजपत राय बत्रा, रोमी आनंद, सतीश आनंद, प्रेम प्रकाश नंद आदि मौजूद रहे। संवाद
दिवंगतों की स्मृति में हवन-पूजन, तर्पण किया
शाहजहांपुर। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की स्थानीय शाखा की ओर से पितृपक्ष की अमावस्या पर अंतिम नमन- जिनका कोई अपना नहीं कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पर दिवंगतों की स्मृति में हवन-पूजन, तर्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
सीएमओ कार्यालय परिसर स्थित रेडक्रॉस कार्यालय में दिवंगतों की आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। इसके बाद वस्त्र वितरण और भंडारे का आयोजन हुआ। सचिव डॉ. विजय जौहरी ने कहा कि जिन दिवंगतों का कोई नाम लेने वाला नहीं है, वे भी समाज का हिस्सा थे। उनकी गरिमा का सम्मान करना मानवीय जिम्मेदारी है।
गायत्री शक्ति पीठ के सहयोग से हुए आयोजन में सीनियर सिटीजन सोसायटी के संस्थापक व जिलाध्यक्ष उमेश चंद्र पाठक, डॉ. सत्यप्रकाश मिश्रा, डॉ. विजय पाठक, कैप्टन डॉ. एवी सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
फर्रुखाबाद में पूजन के बाद अस्थित कलश के साथ पंजाबी महासभा के पदाधिकारी। स्रोत: आयोजक