फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: शहर के इमली रोड का किया जाएगा सुंदरीकरण, लगाए जाएंगे नए पौधे... पार्क भी बनेगा

Tue, 14 Jul 2026 06:35 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के इमली रोड का सुंदरीकरण किया जाएगा। इस सड़क के किनारे इमली के पौधे लगाए जाएंगे और दो पार्क विकसित भी किए जाएंगे। छावनी परिषद ने इसकी कार्ययोजना तैयार की है। 
विज्ञापन
इमली रोड का होगा सुंदरीकरण - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर शहर की ऐतिहासिक पहचान रही इमली रोड का स्वरूप जल्द बदलने वाला है। छावनी परिषद ने इमली रोड के सुंदरीकरण और विकास की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सड़क किनारे इमली के पौधे लगाए जाएंगे। दो पार्क विकसित किए जाएंगे। अतिक्रमण कर रहे ठेले-खोमचों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा।

विज्ञापन


वर्ष 1845 में सड़क पर इमली के पौधे लगाए गए थे। इतिहासकार डॉ.विकास खुराना के अनुसार, यह जिला मजिस्ट्रेट बुलिर के संकल्पों से शुरू हुआ था। उनका उद्देश्य कैंट की सड़कों और आर्मी अधिकारियों के बंगलों को हरा-भरा बनाना था। ब्रिटिश आर्मी ने इसे कैंट का राजपथ बनाया था। इसके दोनों ओर इमली के घने पेड़ लगवाए गए थे। वह बताते हैं कि एक समय ऐसा था, जब इमली के घने पेड़ों के चलते धूप तक नीचे नहीं आती थी। 

धीरे-धीरे इमली के पौधे गिर गए। इस ऐतिहासिक रोड को फिर से सहेजने के प्रयास शुरू किए गए हैं। कैंट क्षेत्र की इमली रोड के ऐतिहासिक गौरव को वापस लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। कैंट बोर्ड के नामित सदस्य अवधेश दीक्षित ने पहल की। इसके तहत वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की उपस्थिति में इमली के 15 पौधे लगाए गए।

विज्ञापन

दो पार्क विकसित करने की योजना 
अवधेश दीक्षित बताते हैं कि इमली रोड पर हरियाली बढ़ाने के लिए इमली के पौधों का रोपण किया जाएगा, ताकि सड़क की पुरानी पहचान फिर से कायम हो सके। दो पार्क भी विकसित करेंगे, जहां घास, बैठने की व्यवस्था और मॉर्निंग वॉक के लिए सुविधाएं रहेगी। पार्क की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी भी बनाई जाएगी। 

सड़क के चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई पर भी काम करेगी। सड़क किनारे लगने वाले ठेलों को व्यवस्थित रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम हो सके और लोगों को जाम व गंदगी की समस्या से राहत मिले। इसके लिए छावनी परिषद में प्रस्ताव दिया है।
विज्ञापन

वर्ष 1990 तक 80 पौधे लगे थे
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष विकास खुराना ने बताया कि वर्ष 1990 तक यहां इमली के लगभग अस्सी विशालकाय वृक्ष थे। समय के प्रभाव से अधिकांश पेड़ गिर गए। वर्ष 2015 से अवधेश दीक्षित के नेतृत्व में इसके पुराने गौरव को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें माई हॉफ ट्री संस्था के सदस्यों ने भी सहयोग किया है। आशीष भारद्वाज और गजेंद्र गंगवार ने भी यहां अनेक पौधे लगाए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें