दो पार्क विकसित करने की योजना
अवधेश दीक्षित बताते हैं कि इमली रोड पर हरियाली बढ़ाने के लिए इमली के पौधों का रोपण किया जाएगा, ताकि सड़क की पुरानी पहचान फिर से कायम हो सके। दो पार्क भी विकसित करेंगे, जहां घास, बैठने की व्यवस्था और मॉर्निंग वॉक के लिए सुविधाएं रहेगी। पार्क की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी भी बनाई जाएगी।
सड़क के चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई पर भी काम करेगी। सड़क किनारे लगने वाले ठेलों को व्यवस्थित रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम हो सके और लोगों को जाम व गंदगी की समस्या से राहत मिले। इसके लिए छावनी परिषद में प्रस्ताव दिया है।
वर्ष 1990 तक 80 पौधे लगे थे
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष विकास खुराना ने बताया कि वर्ष 1990 तक यहां इमली के लगभग अस्सी विशालकाय वृक्ष थे। समय के प्रभाव से अधिकांश पेड़ गिर गए। वर्ष 2015 से अवधेश दीक्षित के नेतृत्व में इसके पुराने गौरव को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें माई हॉफ ट्री संस्था के सदस्यों ने भी सहयोग किया है। आशीष भारद्वाज और गजेंद्र गंगवार ने भी यहां अनेक पौधे लगाए हैं।