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Shahjahanpur News: धुएं में उड़ाएंगे फिक्र तो खतरे में पड़ जाएगी सेहत

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सुहेल अख्तर।
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शाहजहांपुर। हर फिक्र को धुएं में उड़ाने की लत सेहत के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आ रही है। बीड़ी, सिगरेट पीने से लोग उच्च रक्तचाप, दिल, दिमाग और फेफड़ों की गंभीर समस्याओं से जूझने के लिए मजबूर हैं।
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हर साल मार्च के दूसरे बुधवार को नो स्मोकिंग डे मनाया जाता है। बावजूद इसके सिगरेट और बीड़ी पीने की लत सेहत पर भारी पड़ रही है। साथ ही सिगरेट-बीड़ी पीने से उठने वाला धुआं आसपास के लोगों को भी प्रभावित कर रहा है। डिप्टी सीएमओ डॉ.आसिफ बताते हैं कि सिगरेट-बीड़ी के धुएं के चलते लोग फेफड़ों और हृदय की बीमारियों के अलावा अस्थमा, सीओपीडी की चपेट में भी आ रहे हैं। सिगरेट और बीड़ी पीने वाले व्यक्ति को हृदयघात का खतरा अधिक रहता है।

दृढ़ इच्छा शक्ति से छोड़ी सिगरेट
30 वर्ष तक सिगरेट को पीया। एक दिन में सिगरेट की कई डिब्बी खाली कर देते थे। शरीर को खतरा होने की आशंका के चलते एक दिन दृढ़ निश्चय किया। उसके बाद से सिगरेट पीना बंद कर दिया।
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- सुहेल अख्तर एडवोकेट, मौजमपुर, तिलहर

करीब दस साल पहले विश्व तंबाकू दिवस से प्रेरित होकर सिगरेट को त्याग दिया। सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर में नई ऊर्जा का संचार हुआ। सिगरेट छोड़ने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति जरूरी है।
- जदरुल हसन खां, उर्फ पप्पी, निवासी तालगांल, निगोही

धूम्रपान मात्र इच्छाशक्ति के बल पर छोड़ा जा सकता है। वर्ष 2021 में बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती हुआ तो डॉक्टर ने सलाह दी कि धूम्रपान करेंगे तो भविष्य में इलाज नहीं हो पाएगा। तब से बगैर सिगरेट पीये चार साल गुजर गए हैं।
- डॉ. अवनीश मिश्रा, पूर्व प्राचार्य

इच्छाशक्ति जगाएं, योग भी करेगा मदद
धूम्रपान और तंबाकू की लत मजबूत इच्छाशक्ति से छोड़ी जा सकती है। आयुर्वेद और योगाचार्य डॉ.अवधेश मणि त्रिपाठी बताते हैं कि तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटिन दिमाग, फेफड़ों के लिए नुकसानदायक है। इसके उपयोग से दिल की धड़कन बढ़ जाती है। लत लगने पर देसी नुख्सों को आजमाया जा सकता है। तलब लगने पर सौंफ और मिश्री का मिश्रण चबाएं। लौंग भी खा सकते हैं। खाली पेट पानी पीकर योग केंद्र पर आकर प्रशिक्षकों की निगरानी में कुंजल क्रिया करें तो तंबाकू की लत खत्म हो जाएगी।

सुहेल अख्तर।

सुहेल अख्तर।

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