शाहजहांपुर। उप संभागीय परिवहन कार्यालय में कोई भी काम कराने के लिए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी प्लेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर के वाहन का बीमा भी नहीं हो सकता है। साथ ही आरटीओ में वाहन संबंधी काम भी नहीं होंगे। अगर किसी ने हाई सिक्योरिटी प्लेट नहीं लगवाई है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी सकती है। एआरटीओ प्रशासन महेंद्र सिंह का कहना है जिन लोगों ने अभी तक अपने वाहन निजी या व्यवसायिक वाहन पर हाई सिक्योरिटी प्लेट नहीं लगवाई है, उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि वाहनों पर ये प्लेट न लगे होने से वाहन संबंधी कोई दस्तावेजीकरण होने में असुविधा होगी। हाई सिक्योरिटी प्लेट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से प्राप्त की जा सकती है।
इस तरह से करें ऑनलाइन आवेदन
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट खुलने पर निजी और सार्वजनिक वाहन में से एक विकल्प चुनना होगा। इसके बाद वाहन के पेट्रोल, डीजल, सीएनजी आदि का विकल्प खुलेगा। इसमें से एक विकल्प पर क्लिक करना होगा। फिर वाहनों की श्रेणी खुलेगी, जैसे स्कूटर, मोटरसाइकिल, गाड़ी, ऑटो, भारी वाहन में से किसी एक का चुनाव करना होगा। उसके बाद दूसरा विकल्प खुलेगा, जिसमें वाहन की कंपनी के बारे में जानकारी देनी होगी। अगला क्लिक करने पर राज्य का विकल्प आएगा। इसे भरने पर डीलर्स के विकल्प दिखने लगेंगे। डीलर का चुनाव करने के बाद वाहन संबंधी जानकारी भरनी होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, रजिस्ट्रेशन तारीख, इंजन नंबर, चैसिस नंबर, ई-मेल आइडी, मोबाइल नंबर के बारे में बताना होगा। इसके बाद एक और विंडो खुलेगी, जिसमें वाहन मालिक का नाम, पता और दूसरी जानकारी भरनी होगी। वाहन की आरसी और आइडी प्रूफ भी अपलोड करना होगा। इसके बाद ओटीपी जेनरेट होगा। फिर बुकिंग के समय और तारीख का ऑप्शन दिखेगा। आखिरी में भुगतान प्रक्रिया सामने आएगी।
ऑफलाइन ऐसे मिलेगा नंबर
वाहन स्वामी के पास हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और कलर कोड स्टिकर लगवाने के लिए ऑफलाइन विकल्प भी है। वाहन स्वामी वाहन विक्रेता के यहां हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहां से उनको समस्त जानकारी मिल जाएगी।
बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होंगे ये काम
1- व्हीकल की फिटनेस जांच
2- रजिस्ट्रेशन कॉपी
3- व्हीकल ट्रांसफर
4- एड्रेस चेजिंग
5- नया रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
6- नया परमिट
7- परमिट की डुप्लीकेट कॉपी
8- परमिट रिन्यूअल
9- टेंपरेरी परमिट
10- स्पेशल परमिट
11- राष्ट्रीय परमिट आदि
क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
एआरटीओ महेंद्र सिंह ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्रोमियम बेस्ड होलोग्राम होता है। यह एक स्टीकर है, जिस पर व्हीकल के इंजन और चेसिस नंबर होते हैं। हर प्लेट पर एक तरह का पिन होगा जो वाहन से जुड़ेगा। ये पिन एक बार वाहन की प्लेट को पकड़ लेगा तो दोनों ही तरफ से लॉक हो जाएगा फिर नहीं खुलेगा।
बिना हाई सिक्योरिटी वाले वाहनों को दिल्ली में नहीं मिलेगा प्रवेश
अगर आपके वाहन पर हाई सिक्योरिटी नहीं लगी है, तो आने वाले समय में चालान काटा जाएगा। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को दिल्ली सहित पूरे एनसीआर, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश में निकट भविष्य में प्रवेश नहीं मिलेगा। 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों में ये लगनी हैं। नंबर प्लेट, नये वाहनों में विक्रेता ही लगाकर दे रहे। रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 4,30,294 वाहनों में ये प्लेट लगनी हैं, जिसका खुल खर्च करीब 20 करोड़ आएगा। जिले में 2019 से पहले खरीदे गए वाहन, जिसमें नई नंबर प्लेट लगनी है।
इतने वाहनों पर लगी है नंबर प्लेट
दोपहिया वाहन - 37734
चार पहिया वाहन - 2297
व्यावसायिक वाहन - 00
दोपहिया पर 300 और बड़े वाहनों पर 600 रुपये आएगा खर्च
एआरटीओ प्रशासन महेंद्र सिंह ने बताया कि नया वाहन खरीदने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक संबंधित वाहन विक्रेता खुद ही उसमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा कर दे रहे हैं। पुराने वाहनों में वाहन स्वामी संबंधित विक्रेता के यहां से ये सुविधा ले सकते हैं। दोपहिया वाहन के लिए 300 और उससे अधिक पहिया वाले वाहन की नंबर प्लेट के लिए वाहन विक्रेता को 600 रुपये देने होंगे। इसके बाद वह ऑनलाइन आवेदन करेगा। स्लिप जारी होने के बाद बार कोड जारी होगा। इस बार कोड सहित हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को वाहन विक्रेता वाहन में चस्पा करेंगे।
नंबर प्लेट को निकालने व छेड़छाड़ करने पर पकड़े जाएंगे
हाई सिक्योरिटी प्लेट पर मौजूद रजिस्ट्रेशन मार्क, क्रोमियम बेस्ड होलोग्राम स्टिकर ऐसे हैं, जिन्हें निकालने या सिर्फ कोशिश करने पर ही यह खराब हो जाएंगे। मसलन, किसी भी वाहन में लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को निकालने या उससे छेड़छाड़ कर नंबर बदलने की कोशिश करेंगे तो पकड़े जाएंगे।