करीब 300 मीटर नाला खुला पड़ा
सुजात खां की पुलिया से महिला थाना के सामने तक तीन जगह पर करीब 100-100 मीटर नाला खुला पड़ा है। यहां पर ही नाले की दीवार के ऊपर मकानों की दीवारें व पिलर खड़े हैं। जिनकी वजह से नाला कवरिंग नहीं हो पा रही। ऐसे में नाले के किनारे रहने वाले लोगों व राहगीरों को मुश्किल परेशानी होती है।
घर से बाहर निकलने पर बच्चों के नाले में गिरने का डर बना रहता है। लोगों ने बताया कि नाला खुला होने से जानवरों का उसमें गिरना आम बात है। नाला कवरिंग के काम को पूरा कराने के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार प्रार्थना पत्र नगर निगम के अधिकारियों को दिया, लेकिन अभी तक यह काम अधूरा ही पड़ा है।
नाला कवरिंग का हुआ नहीं पुलिया भी तोड़कर डाल दी
एमनजई जलालनगर में नाला कवरिंग का काम पूरा नहीं हो पा हा। कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने पुलिया और तोड़कर डाल दी। इससे जलालनगर बजरिया से स्टेशन रोड की ओर को आने-जाने वालों की परेशानी भी बढ़ गई। आधी पुलिया तोड़कर छोड़ने से उसकी सरिया भी बाहर निकल आई हैं, जोकि राहगीरों व वाहन चालकों को चोटिल करती रहती हैं।
'ठेकेदार नहीं कर रहे काम'
स्थानीय निवासी मुन्ना शर्मा ने कहा कि छह-सात महीने से नाला कवरिंग का काम बंद पड़ा है। इसको शुरू करीब चार साल हो गए होंगे। ठेकेदार काम ही नहीं कर रहे। पुलिया भी तोड़कर डाल दी गई, जिसकी सरिया निकली हुई है जोकि राहगीरों व वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
'जल्द पूरा कराया जाए काम'
मुकेश ने कहा कि कुछ जगह पर नाला कवरिंग का कार्य ही नहीं शुरू हो पाया है। इसकी वजह से आवागमन बाधित है। कार्य पूरा करवाने के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र दिया गया, अधिकारी देखकर चले जाते हैं। अब जल्द काम पूरा करवाया जाना चाहिए। ताकि सबको राहत मिल सके।
अभय द्विवेदी ने कहा कि तीन जगह पर करीब 300 मीटर नाला खुला हुआ पड़ा है। खुले नाले के किनारे करीब 16-17 मकान बने होंगे। जिनके मकानों का अगला हिस्सा खुले नाले की ओर से उनको सबसे ज्यादा दिक्कत है। बच्चों पर हर समय नजर रखनी पड़ती हैं। नाले का जल्द निर्माण पूरा कराया जाए।
बच्चों को खतरा
रेखा ने बताया कि उनके घर के सामने नाला खुला पड़ा है। नाले के किनारे दीवार बनी थी, जिससे बच्चे व जानवर न गिरें। करीब तीन महीने पहले उस दीवार को भी तोड़ दिया गया। घर में छोटे बच्चे हैं, उनके गिरने का डर बना रहता है। आसपास के घरों में भी छोटे बच्चे हैं, जोकि नाले के किनारे से आते-जाते हैं।
नाले के ऊपर कुछ लोगों ने मकान बने हुए हैं। नोटिस जारी कर स्वयं ही नाले के ऊपर किया गया निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। इसकी वजह से नाला कवरिंग का कार्य भी अटका है। अब अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा, उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इसके लिए मकान मालिक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- आशीष त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता सिविल, नगर निगम