शारीरिक अक्षमता के बावजूद सफलता की बुलंदियां छूने वाली आईएएस टॉपर इरा सिंघल अपने जिले में राजकाज के गुर सीखने आई हैं। प्रशासनिक कार्यों की समझ और उनके निपटान में दक्षता हासिल करने के लिए मंगलवार को सुबह लगभग 30 ट्रेनी अधिकारियों का दल यहां पहुंचा।
अधिकारियों की टीम में आईएएस के साथ आईपीएस, आइआरएस और आईएफएस रैंक के अफसर भी शामिल हैं। खास यह है कि अधिकांश ट्रेनी आफीसर अन्य राज्यों के कैडर में शामिल हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव और सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने मेहमान अधिकारियों को रिसीव करके होटल में उनके ठहराव की व्यवस्था की। बाद में प्रशिक्षु अधिकारियों ने डीएम शुभ्रा सक्सेना से भेंट की।
डीएम ने उन्हें जिले की सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और औद्योगिक संरचना से अवगत कराते हुए आजादी की लड़ाई में जिले के शहीद सपूतों का उल्लेख किया। साथ ही तहसील, विकास खंड, कालीन उद्योग, सर्राफा बाजार, हनुमत धाम, ओसीएफ, रिलायंस थर्मल पॉवर, केएसएफएल आदि के बारे में संक्षिप्त सामयिक जानकारी दी। डीएम ने राज्य पोषण मिशन को गति देने के लिए जिले में संवर्धन प्रोजेक्ट के तहत हुए कामों और ग्रीन सिटी अभियान के तहत एक दिन में पांच लाख पौधरोपण को प्रशासनिक उपलब्धि बताया।
डीएम ने ट्रेनी अफसरों को बताया कि मेरा स्कूल बैग मेरी शान अभियान के तहत प्राइमरी स्कूलों के कक्षा दो से पांच तक के प्रथम तीन स्थानों पर रहने वाले बच्चों को बैग देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई गई। उन्होंने कहा कि ऐसे काम समाज के सामूहिक सहयोग से बड़ी आसानी से हो जाते हैं। डीएम ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बंडा, मदनापुर और तिलहर ब्लॉक के पांच गांव भी आवंटित किए। ट्रेनी आफीसर्स इन गांवों में सरकारी विभागों द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत किए जा रहे कामों की समीक्षा का दायित्व निभाएंगे।