शाहजहांपुर। होली पर जमकर तला-भुना खाने का असर लोगों के पाचन तंत्र पर पड़ा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी-पीएचसी में पेट में दर्द, ऐंठन व उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। वहीं, होली की पूर्व संध्या से ही हादसे व मारपीट में घायल होने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। एक्स-रे कक्ष में अधिक भीड़ लग रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहले 1000 से 1200 मरीज आ रहे थे। होली के बाद से 1400 से 1500 मरीज आ रहे हैं। इनमें पेट दर्द, पेट में ऐंठन, उल्टी-दस्त के मरीजों के अलावा होली पर पानी से भीगने की वजह से खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजाें की संख्या में इजाफा हुआ है।
मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक भीड़ लग रही है। इसके अलावा तला-भुना व मीठा खाने से बीपी व शुगर के मरीजाें की भी संख्या बढ़ गई है। वहीं, रंग खेलने के दौरान भीग जाने से सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के मोहल्ला हददफ निवासी सुनील ने बताया कि भीगने से उनकी सांस फूलने लगी है।
रोजा के लोधीपुर मोहल्ला निवासी मनीषा ने बताया कि उनकी मां को भी सांस फूलने की समस्या हो रही है। स्थानीय डॉक्टर से दवा लेकर दी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, इसलिए मां को लेकर मेडिकल कॉलेज आए। अब उनकी हालत में सुधार है।
ईएमओ डाॅ. अनुराग पारासर ने बताया कि तला-भुना खाने से परहेज करें। खानपान में हरी सब्जियों का प्रयोग करें। मौसम में परिवर्तन के चलते भी लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में ठंडी चीजों से परहेज करें।
होली पर पानी से खेलने वाले बच्चों को जुकाम
होली पर पानी से खेलने वाले बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ के चैंबर के बाहर बच्चों की लंबी लाइन नजर आई। डाॅक्टरों का कहना है कि होली के बाद मौसम में हुए परिवर्तन का भी असर लोगों पर पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों के प्रति सावधानी बरतें।
एक्स-रे के लिए मरीजों की उमड़ी भीड़
होली के हुड़दंग में चोट खाए लोग भी हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही लड़ाई-झगड़ों में घायल होने वाले लोग भी एक्स-रे कराने व मेडिकल कराने के लिए पहुंच रहे हैं। एक्स-रे विभाग में मरीजों की भीड़ उमड़ रही हे। चिकित्सक से मिलने के लिए मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद औषधि वितरण कक्ष में भी मरीजों की लंबी लाइन लग रही है।
होली के बाद ट्रॉमा सेंटर में मरीज बढ़े हैं। खान-पान में सावधानी बरतने की जरूरत है। डायबिटीज के रोगी खासतौर पर एहतियात बरतें। बीमार होने पर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें।
-डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
राजकीय मेडिकल काॅलेज के ट्रामा सेंटर में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद